रुद्रपुर: ट्रांजिट कैंप कोतवाली में हाई वोल्टेज ड्रामा; एसआइ पर संघ कार्यकर्ता से अभद्रता का आरोप, विधायक की अगुवाई में धरना

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रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में गुरुवार देर रात उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक पुलिस उपनिरीक्षक (SI) पर आरएसएस (RSS) कार्यकर्ता के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा की अगुवाई में हिंदूवादी संगठनों ने कोतवाली के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

यहाँ इस पूरे विवाद और पुलिस की जांच का विवरण दिया गया है:

रुद्रपुर (17 अप्रैल 2026): ट्रांजिट कैंप कोतवाली में आधी रात को विधायक और कार्यकर्ताओं के जमावड़े के बाद पुलिस प्रशासन बैकफुट पर नजर आया। एसएसपी द्वारा जांच के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त हुआ।

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1. विवाद की शुरुआत

  • मामला: गुरुवार देर रात स्थानीय लोगों ने चोरी के शक में एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।

  • पैरवी: पकड़े गए युवक के परिजन संघ कार्यकर्ता रमेश शर्मा के साथ कोतवाली पहुँचे थे।

  • आरोप: रमेश शर्मा का आरोप है कि कोतवाली में तैनात एसआइ ने उनकी बात सुनने के बजाय उनसे अभद्रता की और उन्हें धक्का देकर कोतवाली से बाहर निकाल दिया।

2. विधायक का धरना और हंगामा

घटना की सूचना मिलते ही देर रात करीब 12 बजे विधायक शिव अरोरा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुँच गए:

  • धरना: विधायक और हिंदूवादी संगठन कोतवाली के गेट पर धरने पर बैठ गए और एसआइ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।

  • प्रशासनिक दबाव: विधायक ने एसएसपी अजय गणपति से फोन पर वार्ता कर मामले की गंभीरता से अवगत कराया और दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई न होने तक हटने से इनकार कर दिया।

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3. एसएसपी का रुख और सीसीटीवी जांच

एसएसपी अजय गणपति ने इस मामले में तथ्यात्मक जांच की बात कही है:

  • जांच के आदेश: एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं और आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • सीसीटीवी फुटेज: एसएसपी ने स्पष्ट किया कि कोतवाली सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि “अब तक हुई शुरुआती जांच में संघ कार्यकर्ता से अभद्रता या धक्का-मुक्की की पुष्टि नहीं हुई है।”

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