नशा तस्करी रोकने के लिए उत्तराखंड की कुमाऊं और यूपी की बरेली रेंज पुलिस मिलकर करेगी कार्य

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नैनीताल, ऊधमसिंह नगर सहित पूरे कुमाऊं में नशा तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं. वर्ष 2023 की बात करें तो अप्रैल तक नशा तस्करी के 205 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से करीब 160 मामलों में नशा तस्करी का केंद्र बरेली रेंज रहा है. कुमाऊं पुलिस ने तस्करों से 45.72 किग्रा चरस, 3.87 किग्रा स्मैक, 18.92 किग्रा अफीम के अलावा नशे की 17024 गोलियां, कैप्शूल, इंजेक्शन बरामद किए हैं. जिनकी कीमत करीब 5.04 करोड़ रुपये आंकी गई है. कुमाऊं से नशा तस्करी रोकी जा सके इसके लिए पुलिस बरेली रेंज की पुलिस के साथ बैठक कर कारोबारियों, पैडलरों व तस्करों की गिरफ्तारी में सहयोग मांगेगी. बताया जा रहा है दोनों रेंज अधिकारी एक दूसरे के संपर्क में हैं. जल्द ही दिन और समय तय कर बैठक की रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी. नशा तस्करों से पुलिस को कई जानकारियां मिली हैं. पूछताछ में आरोपियों ने नशा तस्करी के अड्डों की जानकारी दी है. तस्करों के नाम, पते और ठिकाने बरेली रेंज पुलिस के साथ साझा किए जाएंगे.

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नैनीताल, ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक तस्करी नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जिलों की सीमा यूपी से लगी हुई है. इन दोनों जिलों में नशे की तस्करी सबसे ज्यादा होती है. दोनों जिलों की पुलिस ने इस वर्ष अब तक 3.60 करोड़ रुपये का नशा पकड़ा है.

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“नशे के खिलाफ कुमाऊं पुलिस अच्छा कार्य कर रही है. पूछताछ में सामने आया है कि नशा तस्करी के ज्यादातर आरोपी बरेली के रहने वाले हैं. इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जल्द ही बरेली रेंज के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है.”
-डॉ. नीलेश आनंद भरणे, आईजी कुमाऊं.

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