अमेरिका में प्रतिबंधित दवाओं से 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाने वाले हल्द्वानी के दवा व्यापारी के यहां ई डी का छापा, दवा व्यापारियों में मचा हड़कंप

ED raids the house of Haldwani drug dealer who earned US$ 150 million from drugs banned in America, creates panic among drug dealers

खबर शेयर करें -

 


राजू अनेजा,हल्द्वानी।अमेरिका में प्रतिबंधित दवाओं से 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाने वाले हल्द्वानी के दवा व्यापारी के यहां आज ई डी ने  छापामार कार्यवाही करते हुए जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। दवा व्यवसाई के यहां हुई छापेमारी के दौरान दवा व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

 

ई डी ने हल्द्वानी की तिकोनिया स्थित कॉलानी में बनमीत सिंह के आवास में आज छापा मारा है आपको बता दें कि यह वही 40 वर्षीय बनमीत सिंह है जो अमेरिका में रहते हुए ‘डार्क वेब मार्केटप्लेस’ पर प्रतिबंधित पदार्थ बेचता था, अभी हाल ही में इस मामले को लेकर उसे पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई है और उससे लगभग 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर जब्त किए जाने का आदेश दिया गया है। डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है, जहां तक आम सर्च इंजन नहीं पहुंच पाता और इस तक विशेष वेब ब्राउजर के जरिए ही पहुंचा जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा बनाएगी हैट्रिक, लालकुआं में भी तीसरी बार खिलेगा कमल : कमलेश चंदोला

अमेरिका के अनुरोध पर बनमीत सिंह को अप्रैल 2019 में लंदन में किया गया था गिरफ्तार
हल्द्वानी के बनमीत सिंह को अमेरिका के अनुरोध पर अप्रैल 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। उसे मार्च 2023 में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। उसने प्रतिबंधित पदार्थों को बचने और धनशोधन की साजिश के आरोपों को जनवरी में स्वीकार किया। प्रतिबंधित पदार्थ आम तौर पर ऐसी दवा या रसायन होता है जिसका निर्माण और उपयोग सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मानसून की धमाकेदार एंट्री: पहाड़ से मैदान तक झमाझम बारिश, देहरादून और बागेश्वर में 'ऑरेंज अलर्ट'

अदालती दस्तावेजों और अदालत में दिए गए बयानों के अनुसार, बनमीत ने फेंटेनाइल, एलएसडी, एक्स्टसी, जैनैक्स, केटामाइन और ट्रामाडोल जैसे नियंत्रित पदार्थ बेचने के लिए सिल्क रोड, अल्फा बे, हंसा समेत कई अन्य डार्क वेब मार्केटप्लेस पर विक्रेता विपणन साइट बनाईं। ग्राहकों ने इन साइट का उपयोग करके सिंह से ऑर्डर की गई दवाओं के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान किया। इसके बाद सिंह ने व्यक्तिगत रूप से यूएस मेल या अन्य शिपिंग सेवाओं के माध्यम से यूरोप से अमेरिका तक दवाओं की खेप पहुंचाने की व्यवस्था की। एक अधिकारी ने बताया कि इस काम के जरिए बनमीत ने करीब 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए।

यह भी पढ़ें 👉  काशीपुर की बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था को मिली डॉक्टरों की 'डोज', चेस्ट विशेषज्ञ समेत छह वरिष्ठ चिकित्सकों की काशीपुर में तैनाती
Ad