अल्मोड़ा : एक दर्जन स्कूली बच्चों के सिर पर रेजर लगाकर काट दिए बाल

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ल्मोड़ा. उत्तराखंड के पर्वतीय ज़िले से स्कूली बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने का एक बड़ा मामला सामने आया है. अल्मोड़ा के दन्या शिशु मंदिर में बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक ने करीब एक दर्जन बच्चों के सिर पर रेजर लगाकर बाल काट दिए.

बच्चों की शिकायत के बाद से इस मामले में बवाल मचना शुरू हो गया. अभिभावकों ने सोशल मीडिया में शिक्षक की इस करतूत का खुलासा किया तो बहस छिड़ गई. हालांकि अभी मामला पुलिस के पास नहीं पहुंचा है, लेकिन अभिभावकों की शिकायत पर प्राधानाचार्य ने शनिवार को एक बैठक ज़रूर बुलाई है. इसके बाद ही अभिभावक आगे की कार्रवाई करने के मूड में हैं.

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स्कूल के प्रधानाचार्य मोहन पंत का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में गुरुवार देर रात आया. आज शुक्रवार को चूंकि अनंत चतुर्दशी की छुट्टी है इसलिए कल स्कूल में एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें अभिभावक मौजूद रहेगें. इस बैठक के बाद शिक्षक पर कार्रवाई किए जाने की संभावना है क्योंकि बदसलूकी के शिकार बच्चों के पैरेंट्स आरोपी टीचर को हटाने की मांग कर रहे हैं. पंत का कहना है कि किसी भी बच्चे के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अनुशासन के लिए बच्चों के बाल छोटे रखने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन किसी के सिर पर रेज़र चलाना ठीक नहीं है.

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बच्चों को दिन भर बनाया गया मज़ाक

नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर एक अभिभावक ने कहा कि ऐसे शिक्षक पर कार्रवाई होनी चाहिए. ‘किसी बच्चे के सिर पर रेज़र से बाल उतारने का हक स्कूल को नहीं है. बच्चों ने बताया कि बाल काटने के बाद दिन भर कक्षाओं में उनको मज़ाक का पात्र बनाया गया.’ असल में स्कूल से घर आकर बच्चों ने अपने घर में इस तरह की जानकारी दी, तो अभिभावकों ने बवाल खड़ा कर दिया. सभी अभिभावक अब स्कूल पर एक्शन लेने का दबाव बनाने की तैयारी में हैं.

बच्चों के साथ टीचर के दुर्व्यवहार से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट.

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वहीं, दन्या थाना प्रभारी ने कहा कि सुशील कुमार का कहना है कि मामला अभी तक संज्ञान में नहीं है. अगर अभिभावकों की तरफ से कोई लिखित शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी. बच्चों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. गौरतलब है कि इस मामले के डिटेल्स देते हुए कई लोग सोशल मीडिया पर भी टीचर की इस करतूत से जुड़े पोस्ट कर रहे हैं, जो वायरल भी हो रहे हैं.

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