उत्तराखंड : एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकालने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश
देहरादून: एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकालने वाले गिरोह का सहसपुर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 127 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।

गिरोह के सदस्य मूल रूप से बडग़ांव, सहारनपुर के रहने वाले हैं। गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में इस तरह ठगी के 100 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुके हैं। उत्तराखंड पुलिस अब आरोपितों के संबंध में सहारनपुर की पुलिस से जानकारी जुटा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूड़ी ने बताया कि 19 जून को रामपुर, सहसपुर के रहने वाले अब्दुल कय्यूब सहारा गेट स्थित हिताची एटीएम से रुपये निकालने के लिए गए थे। एटीएम से रुपये न निकलने के कारण वहां मौजूद दो अज्ञात व्यक्तियों ने मदद करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड लिया।
आरोपितों ने कुछ समय बाद एटीएम कार्ड बदलकर उनके खाते से 36 हजार रुपये निकाल लिए। उन्होंने बताया कि सहसपुर के थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपितों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने शनिवार को दो आरोपितों को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान ग्राम चांदपुर बडगांव जिला सहारनपुर निवासी प्रवेश और टीनू के रूप में हुई। आरोपितों के पास से 71 हजार रुपये, विभिन्न बैंकों के 127 एटीएम कार्ड और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद हुई है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि नौ जून को उन्होंने रायवाला क्षेत्र में एक व्यक्ति का एटीएम बदलकर उनके खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिए थे। इसमें कुछ रुपये उन्होंने घूमने में खर्च कर दिए।
इसी धंधे से जुड़े हैं गांव के 80 से अधिक लोग
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उनके गांव के करीब 80 से अधिक लोग अलग-अलग क्षेत्रों में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करते हैं। यह रुपये कमाने का आसान तरीका है, इसलिए वह भी इस धंधे में पड़ गए।
उत्तर प्रदेश के कई थानों में हैं मुकदमे दर्ज
थानाध्यक्ष सहसपुर नरेश राठौर ने बताया कि अब तक हुई पूछताछ से पता चला है कि दोनों के खिलाफ थाना चरथावल, थाना बडग़ांव, हरदौई, अमरोहा में मुकदमा दर्ज है। एक टीम को उत्तर प्रदेश भेजी गई है, जो आरोपितों का आपराधिक इतिहास का पता कर रही है।
ऐसे देते हैं घटनाओं को अंजाम
थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले आरोपित ऐसी जगह ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं जहां सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता। वह ऐसे बुजुर्ग व महिलाओं को अपना शिकार बनाते हैं, जिन्हें एटीएम की जानकारी नहीं रहती।
मदद के नाम पर वह रुपये निकालने के लिए प्रक्रिया शुरू करते हैं। जब प्रक्रिया पूरी हो चुकी होती है तो रुपये निकलने से पहले ही वह कैंसिल का बटन दबा देते हैं और कार्ड धारक को एटीएम खराब होने की बात कर उनका कार्ड बदलते हुए वहां से निकल जाते हैं। आरोपित दूसरे एटीएम में जाकर वहां से रुपये निकाल लेते हैं ।
इन बातों का रखें ध्यान
- एटीएम कार्ड व पासवर्ड किसी से भी शेयर न करें
- किसी नई जगह एटीएम का इस्तेमाल करने से पहले वहां चेक कर लें
- अंजान व्यक्ति से एटीएम से रुपये न निकलवाएं
- जानकारी न होने पर परिचित व्यक्ति को ही साथ में ले जाएं
- अंजान व्यक्ति के सामने एटीएम से रुपये न निकालें
- एटीएम से रुपये निकालते समय पिन नंबर छिपाकर डालें
- अगर एटीएम से रुपये न निकलें तो तुरंत वापस न जाएं, बैंक को सूचित करें
- कार्ड पर पिन नंबर न लिखें
- लेनदेन पूरा होने या अधूरा रहने के बाद एटीएम में दिए गए कैंसिल बटन जरूर दबाएं
- बैंक की एसएमएस अलर्ट सर्विस सबस्क्राइब करें
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