उत्तराखंड चुनाव : रडार में और कौन से उम्मीदवार, चौंकाने वाले डिटेल्स

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देहरादून. 10 मार्च को उत्तराखंड चुनाव के नतीजों के लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है और राज्य में सियासी चालें बड़ी चतुराई से चली जा रही हैं. बीते सोमवार को एग्ज़िट पोल्स में ज़्यादातर सर्वे ने कहा कि राज्य में एक एक सीट के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच लड़ाई हो सकती है इसलिए तभी से चुपके चुपके राजनीतिक पार्टियों के बीच कवायद शुरू हुई थी कि दूसरी पार्टियों के या उन निर्दलीय उम्मीदवारों का साथ जुटाने की कोशिश की जाए, जिनकी जीत की संभावना है. अब ये खेल चुपके चुपके का नहीं रहा, बल्कि राज्य के कई प्रत्याशी खुलकर बता रहे हैं कि कौन कैसे संपर्क कर रहा है.

विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने में जब कुछ ही घंटे बचे हुए हैं, तब गठजोड़ को लेकर भाजपा और कांग्रेस के धुरंधर नेता जोड़ तोड़ करने में लगे हैं. बंद कमरों के साथ ही मोबाइल फोन के ज़रिये भी जीतने की संभावना वाले निर्दलीयों से संपर्क साध रहे हैं. बहुमत न मिलने की सूरत में सरकार बनाने के लिए चल रहे इस गठजोड़ में ताज़ा नाम रुद्रपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे राजकुमार ठुकराल का जुड़ रहा है. न्यूज़18 संवाददाता चंदन बंगारी की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे सिटिंग विधायक ठुकराल ने दावा किया कि भाजपा व कांग्रेस उनसे संपर्क कर रही हैं :

हां, कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों ने मुझसे संपर्क किया है. दोनों पार्टियों के नेताओं ने मुझसे फोन पर बातचीत भी की है. मैं अपने समर्थकों के साथ बैठक करने के बाद आगे की रणनीति तैयार करूंगा. मैं चुनाव जीता तो व्यापक जनहित में जो होगा, वही निर्णय​ लूंगा.’

रडार में और कौन से उम्मीदवार?
भाजपा के बागी ठुकराल के अलावा उत्तरकाशी ज़िले की यमुनोत्री सीट पर कांग्रेस के बागी संजय डोभाल के चुनाव जीतने की संभावनाएं इस बात से ज़ाहिर हो रही हैं कि बीजेपी और कांग्रेस के नेता डोभाल को अपने रडार में बनाए हुए हैं. डोभाल कन्फर्म कर चुके हैं कि दोनों पार्टियों ने संपर्क किया है और कह चुके हैं कि अपने समर्थकों की राय से वह तय करेंगे कि किस पार्टी का साथ देना है. इधर, हरिद्वार ज़िले से कुछ और नाम गेम में जुड़ रहे हैं.

BSP के तीन प्रत्याशियों पर फेंका जा रहा जाल
भगवानपुर सीट से इस बार सिटिंग विधायक ममता राकेश कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं और बीजेपी से टिकट न मिलने पर उनके देवर सुबोध राकेश बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं. 2017 के चुनाव में बहुत कम अंतर से हारे सुबोध के लिए इस बार मौका बनता दिख रहा है. सूत्रों के मुताबिक पुलकित शुक्ला की रिपोर्ट है कि सुबोध के अलावा खानपुर सीट से रवींद्र पनियाला और लक्सर सीट से शहज़ाद के साथ बीजेपी और कांग्रेस संपर्क कर रही हैं क्यों​कि इनकी संभावनाएं दिख रही हैं. खानपुर से निर्दलीय कैंडिडेट उमेश कुमार भी इस लिस्ट में माने जा रहे हैं.

गोवा और मणिपुर जैसा न हो जाए खेल!
बीजेपी के विजयवर्गीय देहरादून में एक के बाद एक बैठकें कर रहे हैं, तो कांग्रेस से सांसद दीपेंदर सिंह हुड्डा देवभूमि पहुंच चुके हैं. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचेंगे. कांग्रेस ने अपने विधायकों, प्रत्याशियों और नेताओं को पूरी तरह सतर्क रहने की हिदायतें देकर सभी ज़रूरी इंतज़ाम शुरू कर दिए हैं. 2017 में गोवा व मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद कांग्रेस सरकार नहीं बना सकी थी, कांग्रेस पूरा एहतियात बरत रही है कि इस बार उत्तराखंड में ऐसा न हो.

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