उत्तराखंड: शनिवार और रविवार को खुले रहेंगे बैंक, क्‍योंकि..

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है. 23 दिसंबर को निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेश भर में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. 27 दिसंबर से 30 दिसंबर तक नामांकन दाखिल करने की तिथि रखी गई है, लेकिन, नामांकन दाखिल करने की तिथि के बीच शनिवार और रविवार पड़ रहा है. ऐसे में प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने में कोई दिक्कत ना हो इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में एसबीआई बैंक खुले रखने के निर्देश दिए हैं.

यह भी पढ़ें 👉  सतौली में युवतियों से छेड़छाड़ पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: दो युवकों को पकड़कर पीटा, मुंह पर पोती कालिख; पुलिस ने कार समेत लिया हिरासत में

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राहुल कुमार गोयल की ओर से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 28 और 29 दिसंबर को बैंक में अवकाश होने की वजह से निर्वाचन से संबंधित कारवाई बाधित हो रही है. तय कार्यक्रम के अनुसार 27 दिसंबर से 30 दिसंबर तक नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया संपन्न होनी है. जिसके लिए प्रत्याशियों की जमानत धनराशि चालान के जरिए जमा कराये जाने का प्रावधान है. इसके साथ ही हर प्रत्याशी द्वारा निर्वाचन व्यय के लिए अलग से बैंक खाता नामांकन करने से कम से कम एक दिन पहले खोले जाने के निर्देश दिये गये हैं. एसएमएस शनिवार और रविवार को बैंक बंद होने की वजह से कार्रवाई बाधित हो सकती है.

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं में नए युग की शुरुआत: सेंचुरी पेपर मिल अब बनी 'ITC', 41 साल बाद बदला मालिकाना हक; कर्मचारियों को मिला नया दायित्व

ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिए हैं कि अपने- अपने जिले के भारतीय स्टेट बैंक की सभी शाखाओं को 28 और 29 दिसंबर को निर्वाचन के मद्देनजर जनसामान्य के लिए जरूरत के अनुसार खुला रखने के लिए तत्काल आदेश जारी करें. इसके साथ ही प्रत्याशी IFMS Uttarakhand की ई-चालान वेबसाइट (https://ifms.uk.gov.in/e-chalan/elogin.aspx) पर भी UKOSH User कियेट करके या फिर Quick Pay के जरिए भी ऑनलाईन नामांकन / जमानत धनराशि का भुगतान कर सकते है.

यह भी पढ़ें 👉  सेंचुरी मिल के ITC अधिग्रहण पर वरिष्ठ कांग्रेसी मोहन कुड़ाई ने जताई खुशी: बताया क्षेत्र के विकास का नया अध्याय, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग
Ad