कैलाश विजयवर्गीय के उत्तराखंड की सियासत में अचानक एंट्री से हड़कंप, भाजपा खेमे में बैचेनी

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उत्तराखंड में 10 मार्च को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने वाले हैं। जिससे पहले राजधानी देहरादून में सियासी पारा चढ़ने लगा है। भाजपा की सीनियर नेताओं और प्रत्याशियों की बैठक से पहले ही रविवार को देहरादून में भाजपा खेमे से कई तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होती रही। इनमें सबसे ज्यादा नजर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की मुलाकातों पर नजर बनी रही। कैलाश विजयवर्गीय के उत्तराखंड की सियासत में अचानक एंट्री से हड़कंप मचा हुआ है।

भाजपा खेमे में बैचेनी
प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने का दावा करने वाली भाजपा ​के अंदर इस समय सबसे ज्यादा बैचेनी नजर आ रही है। पहले सीनियर नेताओं की दिल्ली दौड़ और अब देहरादून में सभी का मुलाकातों के दौर से कई तरह के सियासी मायने तलाशे जाने लगे हैं। अभी तक चुनाव के परिणाम से पहले प्रदेश चुनाव प्रभारी और केन्द्रीय मंत्री प्रह्रलाद जोशी की ही आने की चर्चा थी। लेकिन रविवार को अचानक कैलाश विजयवर्गीय के देहरादून पहुंचते ही सियासी गलियारों में चर्चांओं का बाजार गरमाने लगा। विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात की है। सबसे ज्यादा चर्चे विजयवर्गीय के निशंक से मुलाकात को लेकर है। दोनों ही तोड़ फोड़ में माहिर माने जाते हैं। इसमें ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा अपने प्लान बी पर फोकस कर रही है। चुनाव बाद जो रूझान पार्टी को मिले हैं, उसके हिसाब से ही बड़े नेताओं को देहरादून में भेजकर आगे की रणनीति बनाने के संकेत मिल रहे हैं। कैलाश विजयवर्गीय उत्तराखंड की सियासत में 2016 में भी अहम भूमिका निभा चूके हैं। जब कांग्रेस की हरीश रावत की सरकार के खिलाफ कांग्रेसी विधायकों ने बगावत कर दी थी। उस समय बागी​ विधायकों को देहरादून से बाहर ले जाने और सदन में विश्वासमत के लिए वोटिंग के समय तक विजयवर्गीय ही पूरे मिशन को लीड कर चुके हैं। तब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विजयवर्गीय पर गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही उनकी सरकार को अस्थाई करने के पीछे विजयवर्गीय को ही दोषी माना था। ऐसे में परिणाम से ठीक पहले कैलाश विजयवर्गीय की उत्तराखंड की सियासत में एंट्री को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जिससे कांग्रेस खेमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।

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रणनीति हो रही तैयार
इधर भाजपा की परिणाम से ठीक प​हले पदाधिकारियों, सीनियर नेताओं और प्रत्याशियों के साथ अहम बैठक हो रही है। जिसमें 10 मार्च को लेकर रणनीति तैयार होगी। भाजपा के अंदरखाने इस समय सबसे ज्यादा बैचेनी नजर आ रही है। पार्टी किसी भी सूरत में सत्ता पर दोबारा काबिज होना चाहती है। इसके लिए पहले ही सीनियर नेताओं को देहरादून भेजा जा चुका है। पार्टी की परिणाम से पहले एक-एक मूवमेंट पर नजर है। 70 सीटों पर चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को एक साथ बैठाकर गुरू मंत्र दिया जाएगा। जिससे किसी भी तरह की सेंधमारी न हो सके। हालांकि भाजपा खुद कांग्रेस खेमे में सेंधमारी के लिए रणनीति भी तैयार कर चुकी है। ऐसे में पहले अपने विधायकों को एकजुट कर दूसरे खेमे में हमला करने की भाजपा रणनीति बना रही है। इसके लिए कैलाश विजयवर्गीय देहरादून में रहकर सभी से मंथन कर रहे हैं।

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