गुजारा भत्ता में पत्नी को दे दिए पांच हजार के सिक्के, कोर्ट ने लगाई फटकार

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पति पत्नी के बीच मामले जब कोर्ट पहुंचते हैं तो तल्खियां इस कदर बढ़ जाती हैं कि वह एक दूसरे को परेशान करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते है। ऐसा ही वाक्या गुरुवार को अपर प्रमुख पारिवारिक न्यायालय में हुआ। गुजारा भत्ता की रकम लेकर पहुंचे पति ने कोर्ट में पत्नी को पांच हजार रुपये के सिक्के थमा दिए। पत्नी के साथ यह मजाक कोर्ट को भी नागवार गुजरा तो उसे कठघरे में खड़ा करा दिया गया। अंतत: चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

ग्वालटोली मकबरा निवासी महताब आलम का निकाह यहीं रहने वाली रूबी से 30 नवंबर 2018 को हुआ था।रूबी का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल वाले शोषण करते थे।जब वह विरोध करती तो उसके साथ मारपीट की जाती।आरोप है कि 20 जुलाई 2020 को महताब ने उसे पीटा।सूचना पर रूबी के मायके वाले पहुंचे तो उनके सामने ही तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। जिसके बाद से उनके बीच मुकदमे शुरू हो गए।अपर प्रमुख पारिवारिक न्यायालय ने रूबी के प्रार्थना पत्र पर तीन हजार रुपये अंतरिम गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए थे।अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि महताब ने दो माह से गुजारा भत्ता नहीं दिया था।गुरुवार को उसे छह हजार रुपये देने थे न्यायालय में सुनवाई शुरू हुई तो महताब एक झोला लेकर कोर्ट पहुंचा और कोर्ट के सामने रूबी को थमा दिया।

झोला काफी वजनी था जिस पर न्यायिक अधिकारी के साथ वह भी आश्चर्य में पड़ गए। रूबी ने झोला खोला तो उसमें पांच और दस रुपये के सिक्के निकले।इस मजाक पर अधिवक्ता ने विरोध किया तो कोर्ट भी नाराज हुई और उसे कठघरे में खड़ा कर दिया।अधिवक्ता के कहने पर रूबी ने कोर्ट में ही सिक्के गिने तो वह पांच हजार के निकले।अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने महताब को चेतावनी देकर छोड़ दिया।

रूबी ने बताया कि उसके पिता और भाई मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। पिछले दो साल से वह भी उनके साथ रह रही है जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। पति समय से गुजारा भत्ता नहीं जमा करता है। कोर्ट में भी उसे परेशान करने का कोई अवसर नहीं छोड़ता।
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