प्रदेश की वो 30 सीटें जहां है त्रिकोणीय मुकाबला, निर्दलीय, आप और बसपा बदल सकते हैं समीकरण
उत्तराखंड की 70 सीटों पर वोटिंग के बाद अब सियासी दल सीटों को लेकर अपने-अपने गणित में जुटे हैं। लेकिन भाजपा, कांग्रेस 40 सीटों पर सीधे-सीधे टक्कर में मानी जा रही है। तो वहीं बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, यूकेडी और निर्दलीय 30 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले में हैं। जो कि सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने में सियासी दलों को मदद कर सकते हैं। साफ है कि भाजपा, कांग्रेस के लिए ये सीटें सबसे ज्यादा निर्णायक रहने वाली है

उत्तराखंड की 70 में से 30 सीटों पर भाजपा, कांग्रेस के समीकरण बनते बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इन सीटों पर तीसरा फैक्टर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर हार, जीत तय करेगा। इनमें आप, बसपा, यूकेडी और निर्दलीय भी शामिल हैं। ये सीटें ही उत्तराखंड में सत्ता तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। इनमें सबसे अहम रोल बहुजन समाज पार्टी का नजर आ रहा है। जो कि तराई सीटों पर भाजपा, कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रही है। जानकारों की मानें तो जिस तरह इस बार मतदान हुआ है, उसमें वोटर साइलेंट नजर आया है। जिसका वोट चौकानें वाला हो सकता है। ऐसे में परिणाम सबसे अलग रह सकते हैं। अब बात कौन कहां और किन सीटों पर टक्कर दे रहे हैं। निर्दलीय जिन सीटों पर भाजपा, कांग्रेस को टक्कर दे रहे हैं, उनमें यमुनोत्री, टिहरी, धर्मपुर,केदारनाथ, रुद्रपुर, खानपुर सीटें शामिल हैं। कांग्रेस के बागियों में संजय डोभाल, मातबर सिंह कंडारी, संजय नेगी, संध्या डालाकोटी पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है। जबकि भाजपा के लिए कर्णप्रयाग, डोईवाला, कोटद्वार, रुद्रपुर में बागी टेंशन दे रहे हैं।
बसपा बन सकती है किंगमेकर
इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी एक नए किंगमेकर की भूमिका में आ सकती है। जो कि हरिद्वार की 11 में से 6-7 सीटों और उधमसिंह नगर की 3 सीटों पर भाजपा, कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। उत्तराखंड क्षेत्रीय दल यूकेडी देवप्रयाग, द्वाराहाट, यमकेश्वर, श्रीनगर, डोईवाला, सल्ट फाइट में नजर आ रही है। आम आदमी पार्टी काशीपुर, बागेश्वर, गंगोत्री, कपकोट, बाजपुर, खटीमा, थराली सीटों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। जिसमें से दो से तीन सीटों पर ही वे त्रिकोणीय मुकाबले में नजर आ रही हैं। भाजपा, कांग्रेस को जिन सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है, उनमें यमुनोत्री, टिहरी, केदारनाथ,धर्मपुर, घनसाली, देवप्रयाग,थराली, भेल रानीपुर, ज्वालापुर, पिरान कलियर, रुड़की , भगवानपुर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण, यमकेश्वर, कोटद्वार,द्वाराहाट, रुद्रपुर, काशीपुर, गदरपुर, सोमेश्वर, कपकोट, खानपुर, झबरेड़ा, ज्वालापुर, नानकमत्ता, रामनगर, बाजपुर, सितारगंज और नैनीताल सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और निर्दलीय भाजपा, कांग्रेस को टक्कर दे रहे हैं। अन्य 40 सीटों पर फाइट भाजपा, कांग्रेस के बीच ही सिमटनी तय मानी जा रही है। जिनमें अधिकतर सीटें गढ़वाल और कुमाऊं की सीटों पर भाजपा, कांग्रेस में सीधी टक्कर मानी जा रही है। जबकि तराई क्षेत्र हरिद्वार और उधम सिंह नगर की अधिकतर सीटों पर दूसरे दल बसपा, आप, निर्दलीय त्रिकोणीय मुकाबला बना रहे हैं। ऐसे में ये 30 सीटें भाजपा, कांग्रेस के लिए बहुमत का आंकड़ा तक पहुंचने के लिए खास भूूमिका में होने वाली हैं।
30 सीटें जहां है त्रिकोणीय मुकाबला-
- यमुनोत्री
- टिहरी
- केदारनाथ
- धर्मपुर
- घनसाली
- देवप्रयाग
- थराली
- भेल रानीपुर
- ज्वालापुर
- पिरान कलियर
- रुड़की
- भगवानपुर
- लक्सर
- हरिद्वार ग्रामीण
- यमकेश्वर
- कोटद्वार
- द्वाराहाट
- रुद्रपुर
- काशीपुर
- गदरपुर
- सोमेश्वर
- कपकोट
- खानपुर
- झबरेड़ा
- ज्वालापुर
- नानकमत्ता
- रामनगर
- बाजपुर
- सितारगंज
- नैनीताल
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