बंद मकान में मिलीं दो लाशों की पुलिसिया कहानी में पांच अनसुलझे सवाल, फिर भी खुश हैं पुलिस अधिकारी

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रामपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में बंद मकान में मिली सौतेली मां-बेटे की लाशें अपने पीछे कई सवाल छोड़ गईं। रविवार रात शुरू हुई लाशों की चर्चा सोमवार शाम मिली पाेस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आत्महत्या पर आकर खत्म हो गई है। बच्चे की मौत के कारणों का पता लगाने को उसका बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है।

इसके साथ ही पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर मृतका के दूसरे पति अनिल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन सबके बीच कुछ सवाल अभी हैं, जिनके जवाब पुलिस नहीं दे पाई है। फिर भी पुलिस अधिकारी मामले को आत्महत्या बताकर राहत महसूस कर रहे हैं।

न्यू कृष्णा विहार कालोनी ज्वालानगर में रविवार रात बंद मकान में महिला और बच्चे के शव मिले थे। महिला फांसी पर लटकी मिली थी, जबकि बच्चा अलग कमरे में बिस्तर पर पड़ा था। दोनों की मौत तीन दिन पहले हो चुकी थी। शव पुराने होने के बदबू आ रही थी। इसी बदबू के कारण ही लोगों की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची थी। तब दरवाजा अंदर से बंद था।

पुलिस ने छत के रास्ते अंदर जाकर शव निकाले थे। महिला की पहचान अहरौला गांव की सुनीता के रूप में हुई थी। वह शादीशुदा थी। अपने पति छत्रपाल और चार बच्चों को छोड़कर गांव के अनिल दिवाकर के साथ चली गई थी। अनिल सब्जी की आढ़त करता है। वह भी पहले से शादीशुदा है और गांव में उसकी पत्नी व तीन बच्चे भी हैं। अनिल ने सुनीता को न्यू कृष्णा विहार कालोनी में किराये के मकान में रखा था।

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सुनीता के साथ जिस बच्चे शिवलेश की लाश मिली थी, वह अनिल की पहली पत्नी से था। पुलिस को वहां सुसाइड नोट भी मिला था, जिसे सुनीता ने आत्महत्या से पहले लिखा था। सुसाइड नोड में उसने अनिल को बेवफा बताते हुए आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने अनिल को रात से ही हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। सोमवार को मृतका के पहले पति छत्रपाल को भी थाने बुलाकर पूछताछ की।

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पुलिस ने 24 घंटे तक घटना में कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करती रही। सोमवार देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक घटना नौ जून को हो गई थी। महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग आया है। यानी, उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। बच्चे की मृत्यु की वजह स्पष्ट नहीं हुई, जिस पर बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।

सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी लव सिरोही ने बताया कि सुसाइड नोट के बाद अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया है कि मामला आत्महत्या का है। संभावना है कि महिला ने बच्चे को जहर दिया हो और बाद में खुद को फांसी लगा ली। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में महिला के दूसरे पति अनिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा मृतका के पहले पति छत्रपाल की तहरीर पर हुआ है।

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इन सवालों के नहीं मिले जवाब

– अनिल की दूसरी पत्नी सुनीता के साथ पहली पत्नी का बच्चा उस घर में कैसे आया?

– क्या दोनों पत्नियों के बीच संबंध इतने अच्छे थे कि पहली पत्नी ने सौतन के पास बेटे को भेज दिया?

– तीन दिन तक अनिल ने सुनीता या अपने बेटे से फोन पर कोई संपर्क नहीं किया?

– घटनास्थल के आसपास रहने वालों को तीन दिन से मां-बेटे के नजर न आने पर कोई शंका नहीं हुई?

– सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए अनिल को जिम्मेदार ठहराने पर भी पुलिस ने 24 घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की?