मेरे पति मुझे मायके वालों से बात करने के लिए मना करते हैं, जिले की सात महिलाओं ने की पति की शिकायत

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पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में शुक्रवार को कुल 32 मामलों की सुनवाई हुई। इसमें सात मामलों में पति-पत्नी को समझाकर उनका घर फिर से बसा दिया गया। एक मामले में एक तरफा फैसला दिया गया जबकि एक अन्य मामले में थाना अथवा न्यायालय जाने का सुझाव दिया गया।

केनगर थाना क्षेत्र के अमरपुर की एक महिला ने अपने पति पर दहेज के लिए प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें यह भी कहा गया था कि पति उन्हें फोन से घर वालों से भी बात नहीं करने देते हैं। इधर पति ने दहेज प्रताडऩा के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पत्नी अपने माता-पिता के बातों पर चलती है। इस चलते उसका घर नहीं बस रहा है। बाद में केंद्र के समझाने पर दोनों के बीच का विवाद समाप्त हो गया। पूर्व में तय एक मामले में के नगर थाना के काझाकोठी की एक महिला का पति से अलग होने को लेकर तय राशि में एक लाख का भुगतान केंद्र में किया गया।

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बता दें कि इस मामले में पति द्वारा दूसरी शादी कर लिए जाने के कारण पत्नी ने उसके साथ रहने से इंकार कर दिया था। इसमें पत्नी ने पति से राशि की मांग की थी, जिसमें तीन लाख रुपये देने की बात थी। निर्धारित तिथि पर भुगतान नहीं मिलने के कारण दोनों पक्ष फिर केंद्र में पहुंचे थे। पति ने बताया कि मां के उपचार में अत्यधिक राशि खर्च हो जाने के कारण वे निर्धारित समय पर राशि नहीं दे पाए। शेष राशि 17 जून को देने की बात हुई और इसको लेकर फिर से नया बंध पत्र बना।

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मामले के निष्पादन में केंद्र की संयोजिका सह महिला थानाध्यक्ष किरण बाला, सदस्य दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वैश्यंत्री, रविंद्र साह, जीनत रहमान, प्रमोद जयसवाल एवं कार्यालय सहायक नारायण कुमार गुप्ता आदि‍ मौजूद थे। यहां बता दें कि यहां प्रत्‍येक सप्‍ताह ऐसे कई मामले आते हैं, जिसका निपटारा किया जाता है।