मोदी सरकार का कड़ा फैसला! 1 करोड़ कार-बाइक चालकों को मिलेगा नोटिस, लगेगा जुर्माना
टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स को लेकर केन्द्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के चलते पूरे देश में एक करोड़ से ज्यादा कार और बाइक मालिकों को नोटिस दिया जाएगा। यदि नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो उन वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही वाहन मालिकों पर भी बड़ा जुर्माना लगाया जाएगा।

केन्द्र सरकार के इस नए फैसले में कहा गया है कि 15 वर्ष पुराने सभी वाहनों को तुरंत रोड़ से हटाना होगा। यदि कोई 15 वर्ष के बाद अपने व्हीकल्स की आरसी रिन्यू नहीं करवाता है तो उस पर कार्रवाई होगी। पहले इस संबंध में नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद वाहन को जब्त कर स्क्रैप में भेज दिया जाएगा। आपको बता दें कि इस समय देश में लाखों वाहन बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के सड़कों पर चल रहे हैं। उन सभी के लिए ये आदेश महत्वपूर्ण है।
ऐसे जानें कि क्या आप पर भी होगा इस फैसले का असर
यदि आप भी जानना चाहते हैं कि आपकी कार या बाइक इस स्क्रैप पॉलिसी के तहत आती है या नहीं। तो इसके लिए आपको अपने व्हीकल के डॉक्यूमेंट्स देखने होंगे। यदि पेपर्स में फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है तो आपको RTO ऑफिस जाकर फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाना होगा। यदि आप अपने व्हीकल का फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं बनवाना चाहते तो आपको उसे स्क्रैप में डालना पड़ेगा। अन्यथा सरकार जब्त कर ऐसे सभी वाहनों को नष्ट करदेगी।
कार की विंडशील्ड पर लगाना होगा फिटनेस सर्टिफिकेट
भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय ने एक गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि सभी निजी और व्यावसायिक व्हीकल्स को अपने वाहन की विंडशील्ड पर फिटनेस सर्टिफिकेट लगाना होगा। यह फिटनेस सर्टिफिकेट आरटीओ से टेस्ट करवाकर लिया जा सकेगा। यह सर्टिफिकेट एक नंबर प्लेट की तरह होता है। इसी पर इस फिटनेस सर्टिफिकेटकी एक्सपायरी डेट भी अंकित की जाएगी।
अभी है ये हालत
वर्तमान में देश में 10 वर्ष से अधिक पुराने व्यावसायिक व्हीकल तथा 15 वर्ष से अधिक पुराने प्राइवेट व्हीकल्स के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य है। अभी देश में ऐसे लगभग 85 लाख व्हीकल्स हैं जो इस नए कानून के दायरे में आएंगे।

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