यशपाल आर्य का चुनाव लड़ने वाली सीट का सस्पेंस खत्म, बाजपुर से ही चुनाव लड़ेंगे
हल्द्वानी: उत्तराखंड की बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्य ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद पहली बार बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि वे 2022 का विधानसभा चुनाव बाजपुर सीट से ही लड़ेंगे. साथ ही उन्होंने बीजेपी सरकार और संगठन पर भी हमला बोला है.

कांग्रेस में शामिल होने के बाद यशपाल आर्य गुरुवार को नैनीताल जिले के हल्द्वानी में पहुंचे. पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी सरकार को आडे़ हाथों लिया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के अंदर बीजेपी सरकार में अफसरशाही हावी है. साथ ही उन्होंने कहा कि पांच साल बाद उनकी घर और परिवार में दोबारा वापसी हुई है. बीजेपी संगठन में कोई लोकतंत्र नहीं है, जबकि कांग्रेस में सबको खुलकर बोलने की आजादी है.
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बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले यशपाल आर्य ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर अपने बेटे के साथ बीजेपी का दामन थामा था. इसके बाद 2017 में यशपाल आर्य बाजपुर और उनके बेटे संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे और जीते. यशपाल आर्य को बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया था. लेकिन पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही यशपाल आर्य की नाराजगी सामने आ रही थी.
यही कारण है कि हाल ही में उन्होंने बीजेपी को बाय-बाय करते हुए कांग्रेस का हाथ थाम लिया था. दिल्ली में उन्होंने राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ली थी. यशपाल आर्य को कांग्रेस में दोबारा लाने का श्रेय राजनीतिक हलकों ने हरीश रावत को दिया जा रहा है.
आर्य के कांग्रेस में आने से बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि यशपाल आर्य की गिनती कुमाऊं के बड़े नेताओं में होती है. वे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे चुके हैं. इसके अलावा उधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के तराई क्षेत्र में पिछड़ी जाति के अंदर यशपाल आर्य का काफी अच्छा होल्ड बताया जाता है.
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