ये हैं यूपी के सबसे गरीब 3 विधायक, जो बिना धनबल के जनता के सहयोग से आगे आए
उत्तर प्रदेश में धनबल और बाहुबल के साथ चुनाव लड़ते तो आपने कई बार देखा होगा। कई वीडियो सामने आए जब नेताओं ने धुंआधार रैलियां की और जमकर पैसे उड़ाए। लेकिन कुछ ऐसे भी विधायक इस लोकतंत्र में चुने गए हैं जो बिना धनबल के जनता के सहयोग से आगे आए हैं। उन्होंने धनबल और बाहुबल का घमंड रखने वाले प्रत्याशियों को शिकस्त दी और चुनाव में विजय पताका फहराई। आज हम आपको ऐसे ही तीन विधायकों के बारे में बताने जा रहे हैं।
यह तीनों विधायक यूपी के टॉप थ्री गरीब विधायक हैं।

1- अनिल प्रधान: समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज करने वाले अनिल प्रधान का नाम सबसे गरीब विधायकों की लिस्ट में नंबर 1 पर है। उनके पास महज 30 हजार 496 रुपए की संपत्ति है। उनके पास न तो कोई खुद का घर है न ही कोई जमीन। अनिल ने अपने हलफनामे में इस बारे में जानकारी दी थी।
2- श्रवण कुमार निषाद: भारतीय जनता पार्टी के टिकट श्रवण कुमार निषाद ने गोरखपुर के चौरी-चौरा सीट से चुनाव में विजय पताका फहराई है। श्रवण के पास कुल 72 हजार 996 रुपए की संपत्ति है। श्रवण ने बताया कि उनके नाम न तो कोई मकान है न ही कोई जमीन है। उन्होंने यह चुनाव धनबल के दम पर नहीं बल्कि लोगों के सहयोग से जीता है।
3- गुड़िया कठेरिया: औरैया सीट से विधायक चुनी गई गुड़िया कठेरिया तीसरी बार विधायक चुनी गई हैं। भाजपा के सीट पर उन्होंने चुनाव जीता है। गुड़िया के पास 10 लाख 75 हजार रुपए की संपत्ति है। हालांकि उनके नाम कोई भी मकान या जमीन नहीं है।
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