रात 1 बजे पत्नी के बगल में लेटा था सिक्योरिटी गार्ड, हुआ कुछ ऐसा- एक घंटे बाद पत्नी की निकली चीख

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ऊसराहार। पत्नी के साथ कमरे में एक चारपाई पर लेटे पति की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने केवल पति की हत्या की और चले गए। घटना के करीब एक घंटे बाद पत्नी ने शोर मचाकर स्वजन को बुलाया तो उसके हाथ चारपाई से बंधे मिले।

पति दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। चार दिन पहले ही घर आया था। शुक्रवार की रात अंजाम दी गई हत्या की रहस्यमय घटना ऊसराहार थाना क्षेत्र के गपचिया गांव की है। पुलिस जांच में किसी करीबी द्वारा ही घटना को अंजाम देने की बात सामने आ रही है।

सिर और गले में किया गया प्रहार

40 वर्षीय मनोज जाटव की हत्या धारदार हथियार से सिर और गले में प्रहार करके की गई है। वह दिल्ली से कभी-कभी ही घर आता था। इस बार वह 13 नवंबर को घर आया था। शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में पत्नी अंजली के साथ सो गया। बच्चे दूसरे कमरे में लेटे थे।

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रात 1 बजे घटना को दिया अंजाम

अंजली के मुताबिक रात करीब एक बजे पति मनोज लघुशंका करने के लिए बाहर निकले थे, उसी समय हमलावर अंदर आ गए और कमरे में पति की हत्या कर दी। हत्या के एक घंटे बाद अंजली ने शोर मचाया तो उसकी बेटी भावना मौके पर पहुंची। उसने पिता को चारपाई पर खून से लथपथ पड़ा पाया। चारपाई के एक किनारे काफी खून भी पड़ा था।

एएसपी ग्रामीण सत्यपाल सिंह, सीओ अतुल प्रधान, थानाध्यक्ष मंसूर अहमद रात में ही मौके पर पहुंचे। उनको अंजली ने बताया कि वह और पति एक ही चारपाई पर सो रहे थे। रात करीब एक बजे कुछ लोग आए और उन्होंने उसके ऊपर कंबल डाल कर हाथ रस्सी से बांध दिए। पति के सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया है। मौके से फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए हैं। मामले में किसी करीबी का हाथ लगता है। 48 घंटे में इसका खुलासा कर दिया जाएगा।

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पति की हत्या हो गई और पत्नी बगल में लेटी रही

जिस कमरे में मनोज जाटव की हत्या हुई है, उस कमरे में उसके साथ केवल उसकी पत्नी अंजली ही लेटी थी। उसको खरोंच तक नहीं आई है। सुभाष का कुछ लोगों से विवाद था, लेकिन कोई इतनी बड़ी वजह सामने नहीं आई, जिससे नौबत उसकी हत्या तक पहुंचती। अंजली ने दो लोगों पर शंका जाहिर की है। जबकि पुलिस अंजली के बयान पर सहज यकीन नहीं कर पा रही है।

पुलिस मामले को मान रही संदिग्ध

अंजली के मुताबिक जब हमलावर कमरे में आए तो उसके हाथ बांध दिए और कंबल से सिर ढक दिया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिस समय मनोज की हत्या की जा रही थी उस समय अंजली ने शोर क्यों नहीं मचाया। घटना के एक घंटे तक किसी को क्यों नहीं बुलाया। कुछ जगह खाली केन भी मिले हैं।

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मकान में सीसी कैमरे में लगे थे लेकिन उसकी डीवीआर गायब थी। मनोज से तीन बच्चे पहले से हैं और उसके बाद भी एक बच्चे को गोद लिया गया है। बच्चे को गोद लेने की वजह साफ नहीं है। वह 18 साल का है। गांव का ही रहने वाला है लेकिन उसकी जाति अलग है। जिसको गोद लेना बताया जा रहा है, वह खुद भी अपने पिता का इकलौता बेटा है।

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