लालकुआ:राजनीति का अखाड़ा बने रामलीला प्रांगण में होने वाले आयोजनों में एक पक्ष मास मच्छी की दावत को सुचारू करने तो दूसरा पक्ष इसको बन्द करवाने पर अड़ा
Lalkua: In the events held in Ramlila courtyard, which has become an arena of politics, one side is adamant on smoothening the liquor feast while the other side is adamant on stopping it.
राजू अनेजा, लाल कुआं। नगर के अंबेडकर पार्क एवं रामलीला प्रांगण में अक्सर शादी विवाह के मौके पर होने वाले प्रतिभोज कार्यक्रम में मांस मदिरा की दावत को लेकर क्षेत्र के दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं जिसमें एक तरफ कांग्रेस पार्टी के लोग इस स्थल में मांस मच्छी की दावत को सुचारू रूप से करवाना चाहते हैं तो वही दूसरी ओर भाजपा और दलित समाज के लोग इसका पूर्ण रूप से विरोध कर रहे हैं जिसको लेकर दोनों पक्ष ज्ञापन के जरिए जिले के आला अधिकारियों को अपनी अपनी मांग से अवगत भी करा चुके हैं अब देखना यह होगा की राजनीति का अखाड़ा बने लाल कुआं के अंबेडकर पार्क एवं रामलीला प्रांगण में मांस मदिरा की दावत को लेकर उक्त अधिकारियों द्वारा क्या निर्णय लिया जाता है।
आपको बताते चलें कि विगत दिनों पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष भुवन पांडे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने नगर पंचायत अध्यक्ष अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए उक्त स्थल पर मांस मदिरा की दावत सुचारु करने की मांग की थी परंतु विगत वर्षों से उक्त स्थल पर ही श्री रामलीला मंचन एवं अन्य धार्मिक आयोजनों का हवाला देते हुए क्षेत्र का दलित समाज एवं युवा भाजपा इसके विरोध में आ गया और उक्त स्थल पर किसी भी तरह के आयोजन में मांस मदिरा के उपयोग पर अपनी कड़ी आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी एवं कुमाऊं कमिश्नर को ज्ञापन भेज मांस मदिरा के उपयोग को पूर्ण रूप से बंद करने की मांग की है। कुल मिलाकर अंबेडकर पार्क एवं रामलीला में स्थल पर दो पक्षों के आमने-सामने आने से क्षेत्र की राजनीति इस कदर गरमा गई है कि रामलीला का प्रांगण कहे जाने वाला उक्त स्थल अब राजनीति का अखाड़ा बन गया है इधर आगामी नगर निकाय चुनाव के चलते उक्त मामले पर बिना मुह खोले हर कोई बचता दिखाई दे रहा है। गेंद अब जिले के आला अधिकारियों के पाले में हैं जो यह तय करेंगे कि उक्त रामलीला प्रांगण में होने वाले आयोजनों में मांस मदिरा का उपयोग होना चाहिए या नहीं।

