वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध खनन में शामिल 9 वाहन सरकारी संपत्ति घोषित, खनन माफियाओं में मचा हड़कंप

खबर शेयर करें -

रामनगरः नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग तराई पश्चिमी ने अवैध खनन और परिवहन में लिप्त 9 वाहनों को राजसात (सरकारी संपत्ति) घोषित कर दिया है. इन वाहनों को भारतीय वन अधिनियम 1027 के तहत राजसात घोषित करने की कार्रवाई की गई है.

रामनगर वन प्रभाग तराई पश्चिमी के डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत इन वाहनों को राजसात घोषित किया गया है. वन विभाग के कोर्ट में 20 सितंबर को सुनवाई हुई थी. जिसमें 9 वाहन अवैध खनन और उप खनिज परिवहन में लिप्त पाए गए थे. इनमें 3 ट्रैक्टर, एक कैंटर और 5 डंबर शामिल हैं. वहीं, 9 वाहनों को राजसात घोषित करने के बाद खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है.

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी जेल परिसर के पास बड़ी वारदात की साजिश नाकाम: पीछा कर जान से मारने की धमकी देने वाले 3 शातिर आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत जो केस दर्ज किए जाते हैं, जिसमें वन उपज या उप खनिज का अवैध खनन व परिवहन करते हुए पकड़े गए वाहन शामिल होते हैं. बता दें कि नैनीताल जिले के रामनगर में अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है. खनन माफिया लगातार नदियों का सीना चीर रहे हैं. साथ ही वन प्रभाग की भूमि से उपखनिज की चोरी कर रहे हैं. जिनके खिलाफ वन प्रभाग तराई पश्चिमी कार्रवाई भी कर रहा है.

यह भी पढ़ें 👉  रक्षाबंधन पर मिलावटी मिठाइयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: एसडीएम के नेतृत्व में सुल्तानपुर पट्टी में छापेमारी, कुंतलों नकली मावा व दूषित मिठाइयां नष्ट

रामनगर में अवैध खनन जारीः खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें न तो वन विभाग का खौफ है न ही कार्रवाई का डर. जब भी वन विभाग की टीम चेकिंग और छापेमारी की कार्रवाई करती है. तभी सभी माफिया वाहन समेत गायब हो जाते हैं. उनके जाते ही फिर से खनन का कारोबार शुरू कर देते हैं. ऐसे में खनन माफियाओं को पकड़ना वन महकमे के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

यह भी पढ़ें 👉  साल में केवल रक्षाबंधन पर खुलते हैं उत्तराखंड के वंशी नारायण मंदिर के कपाट, जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad