सेना के बैंड की मधुर धुन पर खुले चौथे धाम के द्वार, 15 क्विंटल फूलों के बीच दिखा अभुद्ध नजारा

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रविवार को जोशीमठ उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के चौथे धाम श्री बद्ररीविशाल के कपाट आज 8 मई 2022, रविवार  प्रात: 6 : 15 am मिनट पर श्री  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट  विधि-विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चारण के जय के उदघोष के साथ खुल गये है। इस मौके पर  गढ़वाल स्काउट के बैंडों ने भक्तिमय संगीत से बदरीपुरी गुंजायमान हुई। वही इसी के साथ श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में प्रात: 4.00am बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई।

इस दौरान रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी सहित धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल तथा -वेदपाठी -आचार्यजनों द्वारा  मंदिर परिसर में मुख्य द्वार पर पूजा अर्चना शुरू की तपश्चात मंदिर के सभामंडप में प्रवेश किया।  इस अवसर पर श्री बदरीनाथ मंदिर  में 15 क्विंटल फूलों से मंदिर की भव्य सजावट की गई है। वही, इस पावन मौके का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। भारी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंचे हैं । ग्रीष्मकाल के लिए कपाट खुलने के अवसर पर भगवान बदरीविशाल को शीतकाल के दौरान औढ़ाए गए घी से लेपित उनके कंबल का प्रसाद वितरित हुआ।

ठीक प्रात: 6. 15am मिनट पर  श्री बदरीविशाल की जय के उदघोषों‌ के साथ श्री बदरीनाथ धाम के द्वार खोल दिये गये। कपाट खुलते ही माता लक्ष्मी जी को उनके मंदिर में विराजमान किया गया  गाडू घड़ा तेल कलश को गर्भगृह में पहुंचाया गया।  श्री उद्वव जी एवं कुबेर जी गर्भगृह के अंदर बदरीश पंचायत में विराजमान हो गये। उल्लेखनीय है कि कल 7 मई शाम को योग बदरी पांडुकेश्वर से रावल जी सहित आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी श्री बदरीनाथ धाम  पहुंच गये थे।

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वही इस मौके पर   कुबेर जी ने रात्रि को बामणी गांव में प्रवास किया आज सुबह कुबेर जी श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर पहुंचे।  वही, कपाट खुलने पर रावल जी ने मंदिर गर्भगृह में प्रवेश‌कर भगवान बदरीविशाल का आव्हान कर घृतकंबल को प्राप्त किया तथा प्रसाद स्वरूप वितरित किया। श्री बदरीविशाल के निर्वाण दर्शन हुए कुछ देर में भगवान का अभिषेककर श्रृंगार रूप के दर्शन होंगे। इस दौरान मंदिर में‌ दर्शन शुरू हो गये तथा तीर्थयात्रियों का तांता लगा हुआ है।   वही, इस अवसर पर  20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं कपाट खुलने के गवाह बन अखंड ज्योति के दर्शन किये।\

वही इस मौके पर   प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित पर्यटन‌ -धर्मस्व मंत्री सतपाल  महाराज ने सभी धामों के कपाट खुलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।   साथ ही    मंदिर समिति  मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया  कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलते ही श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर  तथा निकटवर्ती मंदिर   माता लक्ष्मी जी श्री गणेश‌ जी आदि गुरु शंकराचार्य जी, आदि केदारेश्वर जी, मातामूर्ति मंदिर माणा तथा श्री भविष्य बदरी तपोवन के कपाट भी इस यात्रा वर्ष हेतु  खुल गये है।

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वही इस दौरान  कपाट खुलने के अवसर पर ऋषिकेश के दानीदाताओं‌ ने‌ श्री बदरीनाथ धाम को भब्यरूप से 15 क्विंटल फूलों से   सजाया गया  पूरे बदरीनाथ धाम में गढ़वाल स्काउट के बैंडों की स्वर लहरियां गुंजायमान  होती रही।  बामणी- पांडुकेश्वर,माणा महिला मंगल द्वारा पारंपरिक नृत्य एवं मांगलगान गाया तथा संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों ने स्वास्तिवाचन किया। इस अवसर पर दानीदाताओं ने जगह-जगह भंडारे आयोजित किये थे। बदरीनाथ धाम में पहली महाभिषेक पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के‌ नाम से संपन्न हुई।

उधर, बता दे कि केदारपुरी के रक्षक बाबा भुकुंट भैरव मंदिर के कपाट खुलने के साथ शनिवार से केदारनाथ धाम में नित्य पूजाएं व शाम की आरती शुरू हो गई।  7-May 2022  शनिवार को पांडुकेश्वर के योग ध्यान बदरी मंदिर से बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, नायब रावल शंकरन नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल और बदरीनाथ के वेदपाठी आचार्य ब्राह्मणों की अगुवाई में भगवान उद्धव जी की डोली, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी व तेल कलश यात्रा (गाडू घड़ा) दोपहर बाद बदरीनाथ धाम पहुंची थी।

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इस अवसर पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, विधायक राजेंद्र भंडारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद,मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मंदिर समिति  सदस्य क्रमश: आशुतोष डिमरी, सचिव पर्यटन एवं धर्मस्व संस्कृति हरिचंद सेमवाल, मंदिर समिति सदस्य  भास्कर डिमरी एवं वीरेंद्र असवाल, डीजीपी अशोक कुमार, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, मुख्य कार्याधिकारी बी. डी. सिंह, पीतांबर मोल्फा, हरीश डिमरी, सुनील तिवारी, अनिल ध्यानी, गिरीश चौहान, राजेंद्र चौहान, डा. हरीश गौड़,विनोद डिमरी, जगमोहन वर्त्वाल  सहित सेना एवं ग्रीफ के अधिकारी भंडारी मेहता थोक के हकहकूकधारी  मौजूद थे।

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