हार्दिक पटेल कांग्रेस पर हुए हमलावर, कहा- मैंने 3 साल पार्टी में बर्बाद किए; अडानी-अंबानी को लेकर भी कही ये बात

खबर शेयर करें -

हार्दिक पटेल ने हाल ही में कांग्रेस छोड़ी है. अब वह कांग्रेस पर हमलावर हो गए हैं. गुरुवार को उन्होंने पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस में अपने राजनीतिक जीवन के 3 साल बर्बाद कर दिए हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर वह कांग्रेस में ना होते तो शायद गुजरात के लिए कुछ बेहतर काम कर पाते. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे पार्टी में रहते हुए मुझे कोई काम करने का ना तो मौका मिला और ना ही कांग्रेस की ओर से मुझे इस दौरान कोई काम सौंपा गया.

कांग्रेस छोड़ चुके हार्दिक पटेल ने गुरुवार को मुकेश अंबानी और गौतम अडानी का नाम लेकर निशाना साधने को लेकर भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, ‘एक बिजनेसमैन अपनी कड़ी मेहनत से ही आगे बढ़ता है. आप अंबानी और अडानी को हर समय गलत नहीं कह सकते. अगर प्रधानमंत्री गुजरात से हैं, तो आप इसे लेकर अपना गुस्सा अंबानी और अडानी का नाम लेकर क्यों निकालते हैं?’ उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लोगों को भ्रमित करने के लिए होता है.

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मिलेट्स मिशन: 1 अक्टूबर से 250 क्रय केंद्रों पर 52.05 रुपये प्रति किलो की दर से मंडुवा खरीदेगा यूसीएफ

आप या बीजेपी में जाने पर कोई फैसला नहीं: पटेल

वहीं कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा देने के एक दिन बाद पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने गुरुवार को कहा कि फिलहाल उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) या भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने पर कोई निर्णय नहीं लिया है. पटेल ने अहमदाबाद में अयोध्या मामले में भाजपा की भूमिका की सराहना की और अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त करने के लिए भी पार्टी की प्रशंसा की.

यह भी पढ़ें 👉  छात्रसंघ चुनावों में ABVP की जीत युवाओं के मजबूत राष्ट्रवादी मिजाज का प्रमाण: बीजेपी; 1-2 दिन में होगी राज्यसभा प्रत्याशी के नाम की घोषणा

गुजराती लोगों से पक्षपात’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कोई दृष्टिकोण नहीं है और पार्टी के नेता गुजराती लोगों से पक्षपात करते हैं. गुजरात में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और पटेल ने बुधवार को यह कहते हुए कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं का ध्यान अपने मोबाइल फोन में लगा रहता है और गुजरात कांग्रेस के नेता उनके लिए चिकन सैंडविच का प्रबंध करने में लगे रहते हैं.

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मिलेट्स मिशन: 1 अक्टूबर से 250 क्रय केंद्रों पर 52.05 रुपये प्रति किलो की दर से मंडुवा खरीदेगा यूसीएफ

‘मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई’

उन्होंने कहा, ‘यह तथ्य है कि कांग्रेस को 2017 विधानसभा चुनाव में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के कारण बहुत फायदा हुआ था. लेकिन कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने के बावजूद मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई. मुझे पार्टी की अहम बैठकों में भी नहीं बुलाया जाता था. पार्टी ने तीन साल में मेरी एक प्रेस वार्ता तक आयोजित नहीं की.’

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad