बुग्याल में बकरियां चराने गए 22 वर्षीय युवक की खाई में गिरने से मौत; आदि कैलाश मार्ग पर बर्फबारी से यात्रा रुकी

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पिथौरागढ़/धारचूला। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के धारचूला स्थित दारमा घाटी के उच्च हिमालयी माइग्रेशन गांव बोन में एक दुखद दुर्घटना सामने आई है। चगदंग बुग्याल में बकरियां चराने गए 22 वर्षीय युवक का पैर अचानक बर्फ पर फिसल गया, जिससे वह संतुलन खोकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में गंभीर चोटें आने के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई। काफी खोजबीन के बाद परिजनों और प्रशासन की टीम ने खाई से शव बरामद किया। मंगलवार (29 सितंबर) को राजस्व और डॉक्टरों की टीम ने गांव पहुंचकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
26 सितंबर को लापता हुआ था युवक, बुग्याल में बर्फ पर फिसला था पैर
जानकारी के अनुसार, बोन गांव निवासी 22 वर्षीय आर्यन सिंह पुत्र पुष्कर सिंह बीते 26 सितंबर को गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर चगदंग बुग्याल की ओर बकरियां चराने गया हुआ था। इस दौरान क्षेत्र में जमी बर्फ पर पैर फिसलने से वह गहरी खाई में जा गिरा। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, जिसके बाद खाई में उसका शव मिला। ग्राम प्रधान भीम सिंह बोनाल की सूचना पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को गांव लाया गया। 29 सितंबर को डॉक्टर राजेश गुंज्याल और राजस्व उपनिरीक्षक तनुज चन्याल की टीम ने गांव पहुंचकर पोस्टमार्टम की कानूनी कार्रवाई पूरी कराई, जिसके बाद गांव में ही युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
आदि कैलाश मार्ग पर 4 से 5 फीट तक जमी बर्फ, प्रशासन ने कुटी में रोकी यात्रियों की आवाजाही
वहीं दूसरी ओर, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन और यात्रा व्यवस्था प्रभावित हुई है। धारचूला एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि आदि कैलाश मार्ग के उच्च हिमालयी इलाकों में 4 से 5 फीट तक बर्फ जमी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर कुटी और ज्योलिंगकांग स्थित आईटीबीपी (ITBP) पोस्ट को निर्देश जारी कर यात्रियों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की 65 आरसीसी ग्रेफ टीम मार्ग से बर्फ हटाकर रास्ता सुचारू करने में जुटी है। सड़क के पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। कुटी के ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल के अनुसार मार्ग खुलने के इंतजार में करीब 50 से अधिक श्रद्धालु कुटी गांव में ठहरे हुए हैं।
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