रामनगर: बंद पानी के टैंक में मिला 6 महीने पुराना मानव कंकाल, DNA जांच में जुटी पुलिस

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रामनगर/: उत्तराखंड के रामनगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामसभा अमोठा-पाटकोट में एक बंद पड़े पानी के टैंक के भीतर मानव कंकाल मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त के लिए डीएनए (DNA) सैंपल जांच के लिए भेज दिया है।

ग्राम प्रधान ने दी बंद टैंक में कंकाल होने की सूचना, 6 महीने पुराना होने की आशंका

रामनगर की घटना के अनुसार, अमोठा-पाटकोट के ग्राम प्रधान जगदीश चंद्र ने बीती 29 मई को रामनगर कोतवाली पुलिस को अपने क्षेत्र में एक बंद पड़े पानी के टैंक के भीतर मानव कंकाल होने की सूचना दी थी।

  • पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और विधिक जांच प्रक्रिया शुरू की।

  • प्रारंभिक अनुमान: घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर अनुमान जताया है कि बरामद मानव कंकाल करीब 6 महीने पुराना है।

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पंचायतनामा भरकर कब्जे में लिया कंकाल, शिनाख्त के लिए होगी डीएनए सैंपलिंग

रामनगर के कोतवाल सुशील कुमार ने मामले की विस्तृत प्रशासनिक जानकारी देते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। कोतवाली स्तर से उपनिरीक्षक (एसआई) गणेश जोशी को पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर भेजा गया था।

पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर विधिक नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई संपन्न की और बरामद कंकाल को अपने कब्जे में लिया। कोतवाल ने स्पष्ट किया कि चूंकि कंकाल पूरी तरह गल चुका है, इसलिए उसकी वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने के लिए ‘डीएनए सैंपलिंग’ (DNA Sampling) कराई जा रही है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही मृतक की सही शिनाख्त और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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लापता लोगों की कुंडली खंगाल रही पुलिस, वैज्ञानिक साक्ष्यों पर टिकी जांच

इस रहस्यमयी घटना के बाद पुलिस हत्या या आत्महत्या सहित सभी विधिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है। अमोठा-पाटकोट और आसपास के स्थानीय ग्रामीणों से भी गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले 6-7 महीनों के भीतर क्षेत्र से कोई व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ था या नहीं। इसके अलावा पुलिस आसपास के थानों से भी गुमशुदगी के विधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।

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