हल्द्वानी के ग्रामीण इलाकों में गहराया पेयजल संकट: मांग और आपूर्ति में 8 MLD का अंतर; प्रशासन ने नए कनेक्शन और वाहन धुलाई पर लगाई रोक

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हल्द्वानी: भीषण गर्मी के बीच हल्द्वानी के ग्रामीण अंचलों में पेयजल (पीने के पानी) का संकट लगातार गहराता जा रहा है। तेजी से बढ़ती आबादी और सीमित होते जल स्रोतों के कारण कई गांवों में स्थानीय निवासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। वर्तमान में शहर में पानी की कुल मांग और आपूर्ति के बीच करीब 8 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) का बड़ा अंतर बना हुआ है, जिसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जल संस्थान ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए नई विशेष योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। विभाग का दावा है कि इन योजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी मानकों के अनुसार नियमित पानी मिल सकेगा।

हर साल आ रहे 4 हजार नए आवेदन; टैंकरों के भरोसे ग्रामीण इलाके

जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल सक्सेना ने स्थिति की तकनीकी और प्रशासनिक जानकारी देते हुए बताया कि हल्द्वानी में हर वर्ष पेयजल कनेक्शन के लिए करीब 3 से 4 हजार नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिसके चलते पानी की मांग का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।

  • गर्मियों में चुनौती: शीतकाल की तुलना में गर्मी के मौसम में यह स्थिति अत्यधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है। हालांकि, शहर के मुख्य और अधिकांश हिस्सों में जलापूर्ति वर्तमान में सामान्य है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत है।

  • टैंकरों से सप्लाई: यही कारण है कि प्रभावित ग्रामीण इलाकों में जल संस्थान को टैंकरों के माध्यम से आपातकालीन जलापूर्ति करनी पड़ रही है। इस समस्या के स्थाई समाधान और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नई योजनाओं का खाका तैयार किया जा रहा है।

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सिटी मजिस्ट्रेट की सख्ती: नए कनेक्शन, भवन निर्माण और वाशिंग सेंटरों पर रोक

पेयजल की लगातार बढ़ती किल्लत को देखते हुए जल संस्थान के साथ-साथ जिला प्रशासन भी पूरी तरह गंभीर मोड में आ गया है। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने बताया कि जिला प्रशासन के कड़े विधिक निर्देशों के तहत हल्द्वानी और उसके आसपास के सभी क्षेत्रों में पानी के नए कनेक्शन देने, नए कमर्शियल व घरेलू भवन निर्माण कार्यों तथा धुलाई सेंटरों (वाशिंग सेंटरों) में वाहनों की धुलाई पर अग्रिम आदेशों अथवा मानसून के आगमन तक पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नियमों के पालन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समय-समय पर क्षेत्रों की निगरानी और औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।

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इन गांवों में सबसे ज्यादा किल्लत; प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी देने का लक्ष्य

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में हल्द्वानी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 80 एमएलडी पानी की विधिक आवश्यकता है, जिसके सापेक्ष जल संस्थान केवल 72 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति कर पा रहा है। मांग और आपूर्ति के इसी अंतर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित मानकों के अनुसार पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

  • प्रभावित मुख्य क्षेत्र: कमलुवागांजा, नरीमन तिराहा क्षेत्र, बजूनिया हल्दू, रामपुर लामाचौर, कोरिया गांव, बच्चीनगर, गुजरोड़ा, हल्दुपोखरा, कुशालपुर, नाथूपुर पाडली और हिम्मतपुर जैसे ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत सबसे अधिक महसूस की जा रही है।

  • नया मानक: इन चिन्हित क्षेत्रों को ध्यान में रखकर विभाग ने जो विशेष पेयजल योजनाएं तैयार की हैं, उनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी तर्ज पर ‘प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर’ पेयजल उपलब्ध कराना है, ताकि भविष्य में स्थानीय ग्रामीणों की टैंकरों पर से निर्भरता को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

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