
डबल सर्वे ने खोली हकीकत, 8 सीटों पर हार का अलार्म
राजू अनेजा, काशीपुर। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने ही विधायकों की परफॉर्मेंस पर सख्त नजर डाल दी है। पार्टी के दो अलग-अलग सर्वे में 8 मौजूदा विधायक बुरी तरह फेल साबित हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये वही सीटें हैं, जहां पिछली बार भाजपा ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार रिपोर्ट में हार का खतरा साफ दिखाई दे रहा है।
वादे अधूरे, जमीन पर पकड़ कमजोर
सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है कि कई विधायकों ने जनता से किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया। क्षेत्र में उनकी सक्रियता भी बेहद सीमित रही, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ी है। यही वजह है कि संगठन ने इन सीटों को “रेड जोन” में डाल दिया है।
भाजपा का सख्त संदेश: अब नहीं चलेगी ढिलाई
पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विधायकों को साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है—
👉 जनता के बीच जाएं
👉 अधूरे काम तुरंत पूरे करें
👉 संगठन से तालमेल मजबूत करें
वरना टिकट कटना लगभग तय माना जा रहा है।
तीसरी बार सत्ता के लिए ‘नो रिस्क’ रणनीति
लगातार दो बार सरकार चला चुकी भाजपा तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। 10 साल की सत्ता के बाद एंटी-इंकम्बेंसी को रोकने के लिए पार्टी हर सीट पर “जिताऊ उम्मीदवार” की रणनीति पर काम कर रही है।
हार वाली सीटों पर भी नया गेम प्लान तैयार
जहां पिछली बार हार मिली थी, वहां भी भाजपा नए चेहरों और मजबूत दावेदारों की तलाश में जुट गई है। संगठन हर सीट का माइक्रो मैनेजमेंट कर रहा है, ताकि चुनावी रण में कोई चूक न हो।
सियासी हलचल तेज, बड़े बदलाव के संकेत
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले समय में भाजपा कई सीटों पर बड़े बदलाव कर सकती है। ऐसे में साफ है कि इस बार चुनाव में टिकट सिर्फ उन्हीं को मिलेगा, जो जमीन पर मजबूत और जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं।
निष्कर्ष:
भाजपा ने साफ कर दिया है—अब सिर्फ नाम नहीं, काम चलेगा। और जो काम नहीं करेगा, उसका टिकट भी नहीं बचेगा।

