बाजपुर: पिता की संपत्ति में हक के लिए 8 बहनें पहुंचीं कोतवाली; भाई पर दस्तावेज छिपाने का आरोप

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बाजपुर (ऊधमसिंह नगर) में संपत्ति विवाद का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ आठ बहनों ने एकजुट होकर अपने इकलौते भाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामला माता-पिता की मृत्यु के बाद विरासत में हिस्सा न देने और दस्तावेजों को खुर्द-बुर्द करने से जुड़ा है।

घटना और कानूनी स्थिति का विवरण नीचे दिया गया है:

बाजपुर: संजय कॉलोनी और भोना कॉलोनी स्थित करोड़ों की संपत्ति के बंटवारे को लेकर एक परिवार में विवाद गहरा गया है। आठ बहनों ने अपने भाई के विरुद्ध कोतवाली में नामजद तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है।

📜 क्या है पूरा मामला?

  • विरासत: बहनों के अनुसार, उनके पिता (निधन 2012) के नाम पर संजय कॉलोनी में एक मकान और भोना कॉलोनी में 6 मकान व एक प्लॉट है।

  • ताजा विवाद: उनकी माता का निधन अभी हाल ही में 24 जनवरी 2026 को हुआ था।

  • आरोप: बहनों का आरोप है कि मां की मृत्यु के तीसरे दिन ही उनका भाई घर से संपत्ति के सभी जरूरी कागजात चुपचाप निकाल ले गया। अब वह किसी भी बहन को संपत्ति में हिस्सा देने से साफ इनकार कर रहा है।

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🏛️ कानूनी अधिकार: क्या कहता है नियम?

भारत में हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 के तहत बेटियों के संपत्ति अधिकारों में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं:

  1. समान अधिकार: अब बेटियां भी बेटों की तरह ‘सह-दायक’ (Coparcener) हैं। यानी पिता की पैतृक संपत्ति में उनका जन्मजात अधिकार है।

  2. सुप्रीम कोर्ट का फैसला (2020): कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चाहे पिता की मृत्यु 2005 से पहले हुई हो या बाद में, बेटियों का हक खत्म नहीं होता।

  3. वसीयत का अभाव: यदि पिता या माता ने कोई कानूनी वसीयत (Will) नहीं छोड़ी है, तो संपत्ति सभी भाई-बहनों में बराबर बांटी जाएगी।

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📋 संपत्ति का विवरण (जिस पर विवाद है)

स्थान संपत्ति का प्रकार
संजय कॉलोनी (वार्ड-7) 01 मकान
भोना कॉलोनी (वार्ड-12) 06 मकान और 01 प्लॉट
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👮 पुलिस की कार्रवाई

कोतवाली पुलिस ने बहनों की तहरीर ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सबसे पहले राजस्व विभाग (Patwari/Tehsil) के माध्यम से संपत्ति के असली दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करेगी और भाई-बहनों के बीच सुलह या कानूनी बंटवारे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।

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