रेलवे ट्रैक पर रोज सजती थी नशे की महफिल, चीमा चौराहे पर हुआ दोस्ती का खूनी अंत; पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को दबोचा

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पुरानी रंजिश में सीने में घोंपा चाकू, खून से सना हथियार बरामद; पूछताछ में आरोपी ने उगले कई राज

राजू अनेजा,काशीपुर। रेलवे ट्रैक के किनारे रोज सजने वाली नशे की महफिल आखिरकार एक युवक की जान ले बैठी। चीमा चौराहे के पास रेलवे फाटक के समीप रविवार शाम हुई गौरव कश्यप की हत्या का काशीपुर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोपी गुलहसन उर्फ गुल्लू उर्फ अबुला को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त रक्तरंजित चाकू भी बरामद कर लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि नशे के दौरान पुरानी कहासुनी इतनी बढ़ गई कि उसने गुस्से में गौरव के सीने में चाकू घोंप दिया।

 

रेलवे फाटक के पास मचा था हड़कंप

26 जुलाई की शाम को चीमा चौराहे के पास रेलवे फाटक के समीप एक युवक को चाकू मारने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक घायल गौरव कश्यप को उसका साथी उपचार के लिए अस्पताल ले जा चुका था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

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मृतक की पहचान ग्राम चतरपुर मेवला, थाना टांडा (जनपद रामपुर) निवासी गौरव कश्यप के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और फोरेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी गई।

 

एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने 24 घंटे में दबोचा आरोपी

मृतक के मामा सुनील कश्यप की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक रुद्रपुर एवं पुलिस उपाधीक्षक बाजपुर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार दबिश के बाद सोमवार को साईं पब्लिक स्कूल के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

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पूछताछ में सामने आई कत्ल की वजह

गिरफ्तार आरोपी गुलहसन उर्फ गुल्लू उर्फ अबुला ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले तीन-चार वर्षों से स्मैक और नशे के इंजेक्शन का आदी है। मृतक गौरव भी नशा करता था। दोनों अक्सर रेलवे ट्रैक के आसपास सुनसान स्थानों पर बैठकर नशा करते थे।

घटना वाले दिन भी दोनों साथ बैठे थे। इसी दौरान पुरानी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। गुस्से में आरोपी ने गौरव का गिरेबान पकड़ लिया और कमर में रखा चाकू निकालकर उसके सीने में जोरदार वार कर दिया। वार इतना गहरा था कि गौरव लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा। आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

 

खून से सना चाकू बरामद

गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित चाकू बरामद कर लिया। बरामद चाकू को कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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नशे की गिरफ्त में युवा, एक और जिंदगी हुई खत्म

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक दोनों लंबे समय से नशे के आदी थे और रेलवे ट्रैक के आसपास सुनसान स्थानों पर बैठकर नशा करते थे। पुलिस का मानना है कि नशे की हालत में पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया और एक युवक की जान चली गई। घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उसके घातक परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

इन्होंने ने किया हत्याकांड का खुलासा

हत्या के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र चौधरी, एसएसआई नवीन बुधानी, एसआई गिरीश चंद्र, कांस्टेबल महेंद्र सिंह, दर्शन सिंह, आदेश कुमार तथा पुलिस सहयोगी माजिद और राहुल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

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