अजय भट्ट के क्षेत्र में दौड़ेगी ‘बलूनी एक्सप्रेस’ ! वर्षों की उपेक्षा झेल रहे रामनगर–काशीपुर को मिली बड़ी राहत

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राजू अनेजा, काशीपुर। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के अथक प्रयासों से रामनगर–देहरादून के बीच बहुप्रतीक्षित सीधी ट्रेन सेवा को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित इस ट्रेन को स्थानीय स्तर पर “बलूनी एक्सप्रेस” के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी को लेकर जूझ रहे रामनगर–काशीपुर क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है।

 

सालों से उठ रही थी सीधी ट्रेन की मांग

रामनगर और काशीपुर क्षेत्र के लोग पिछले कई वर्षों से देहरादून समेत अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा की मांग करते रहे हैं। यात्रियों को बार-बार ट्रेन बदलने की मजबूरी झेलनी पड़ती थी, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी। इस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर कई बार उठाया गया, लेकिन समाधान अब जाकर सामने आया है।

 

नई ट्रेन से पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

इस ट्रेन सेवा के शुरू होने से पर्यटन नगरी रामनगर को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है, जहां से नैनीताल और जिम कॉर्बेट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल जुड़े हैं। वहीं, औद्योगिक शहर काशीपुर के व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से न सिर्फ यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

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राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज

 

यह फैसला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह ट्रेन सेवा सांसद अजय भट्ट के संसदीय क्षेत्र में शुरू हो रही है, जो पहले केंद्र में राज्य मंत्री रह चुके हैं। वहीं, इस पहल का श्रेय गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को दिया जा रहा है। ऐसे में क्षेत्रीय राजनीति में इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

उपेक्षा का दंश झेलता रहा रामनगर–काशीपुर

 

रामनगर–काशीपुर क्षेत्र लंबे समय से रेलवे सुविधाओं की कमी को लेकर उपेक्षा का शिकार रहा है। नई ट्रेनों की घोषणा तो दूर, कई पुरानी सेवाएं भी बहाल नहीं हो सकीं। इससे लोगों में लगातार नाराजगी बनी रही और जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठते रहे कि आखिर इस क्षेत्र को प्राथमिकता क्यों नहीं मिल रही।

पुरानी ट्रेनें भी नहीं हो सकीं बहाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ऐसी ट्रेनें, जो पहले इस रूट से संचालित होती थीं, उन्हें भी समय पर बहाल नहीं किया गया। इससे दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। यही कारण रहा कि इस क्षेत्र में रेल सुविधाओं को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता रहा।

बलूनी की पहल से खुला रास्ता

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए लगातार प्रयास किए, जिसके बाद रामनगर–देहरादून सीधी ट्रेन का रास्ता साफ हुआ। उनकी इस पहल को क्षेत्र में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है और इसे लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

अब लंबी दूरी की ट्रेनों की भी लगी उम्मीद

 

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नई ट्रेन सेवा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को उम्मीद है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में इस रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन भी शुरू होगा। इससे रामनगर–काशीपुर की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी और क्षेत्र को विकास की नई गति मिलेगी।

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देर से ही सही, मिली राहत

वर्षों की उपेक्षा और इंतजार के बाद मिली यह ट्रेन सेवा रामनगर–काशीपुर क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि, साथ ही यह सवाल भी बना हुआ है कि यह सुविधा पहले क्यों नहीं मिल सकी। फिलहाल, इस पहल ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने की उम्मीद जरूर जगा दी है।