घर में शादी हो, बड़ा कार्यक्रम हो या कोई उत्सव, इस संकट की घड़ी में 1 साल तक सोना ना खरीदे – पी एम मोदी

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राजू अनेजा,नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दुनिया में गहराते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से बड़ी अपील करते हुए कहा है कि देशहित में अगले एक साल तक सोने के नए गहने खरीदने से बचें। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे घर में शादी हो, कोई बड़ा कार्यक्रम हो या कोई उत्सव, इस संकट की घड़ी में विदेशी मुद्रा बचाना ही सच्ची देशभक्ति है।
प्रधानमंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है, जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तनाव के दबाव से जूझ रही है। भारत भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और सोना विदेशों से आयात करता है। ऐसे में आयात बढ़ने से देश की विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है।

“देशहित सबसे ऊपर होना चाहिए”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा त्याग और राष्ट्रहित की रही है। उन्होंने पुराने समय का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी देश पर संकट आया, लोगों ने आगे बढ़कर अपना योगदान दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले युद्ध और संकट के दौर में लोग देश के लिए अपना सोना तक दान कर देते थे। आज सरकार किसी से दान नहीं मांग रही, लेकिन देशहित में नागरिकों को थोड़े समय के लिए संयम जरूर दिखाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि देशवासी सिर्फ एक साल तक सोने की खरीद कम कर दें, तो इससे अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा बचाई जा सकती है, जिसका इस्तेमाल देश की जरूरतों और विकास कार्यों में किया जा सकेगा।

शादी-ब्याह में भी संयम बरतने की अपील

प्रधानमंत्री ने खासतौर पर भारतीय परिवारों से अपील की कि शादी और बड़े आयोजनों में दिखावे से बचें। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में सोने के गहनों को प्रतिष्ठा और परंपरा से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में देशहित को प्राथमिकता देना ज्यादा जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि अगले एक साल तक चाहे घर में कितना भी बड़ा कार्यक्रम क्यों न हो, नए सोने के आभूषण नहीं खरीदेंगे।

पेट्रोल-डीजल को लेकर भी जताई चिंता

प्रधानमंत्री ने सिर्फ सोने की खरीद ही नहीं, बल्कि पेट्रोल, डीजल और गैस के उपयोग को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है।
अगर लोग अनावश्यक यात्रा करेंगे और ईंधन की बर्बादी करेंगे, तो इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और पेट्रोलियम उत्पादों का बहुत सोच-समझकर इस्तेमाल करना होगा।

“वर्क फ्रॉम होम” को फिर अपनाने की सलाह

पीएम मोदी ने कोरोना काल के दौरान अपनाई गई ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां कंपनियां और संस्थान कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दें।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा देने से ईंधन की बचत होगी और देश की विदेशी मुद्रा पर दबाव भी कम पड़ेगा।

खाने के तेल और गैस बचाने पर भी जोर

प्रधानमंत्री ने लोगों से खाने के तेल और गैस का इस्तेमाल भी सीमित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत खाद्य तेल का भी बड़े स्तर पर आयात करता है।
अगर हर परिवार थोड़ी-थोड़ी बचत करे, तो इसका बहुत बड़ा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। पीएम मोदी ने कहा कि संकट के समय छोटी बचत भी राष्ट्र निर्माण का बड़ा योगदान बन जाती है।

सरकार ऊर्जा के विकल्पों पर तेजी से कर रही काम

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर तेजी से काम कर रही है। सौर ऊर्जा, सीएनजी, पाइप गैस और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल जैसी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि विदेशों पर निर्भरता कम की जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और यही वजह है कि वैश्विक संकट के बावजूद देश मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी की जनता से बड़ी अपील
एक साल तक सोने के नए गहने न खरीदें
पेट्रोल-डीजल का उपयोग जरूरत के अनुसार करें

वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग को बढ़ावा दें

खाने के तेल और गैस की बर्बादी रोकें
संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय एकजुट होकर देश की आर्थिक ताकत को बचाने का है। अगर 140 करोड़ देशवासी मिलकर थोड़ा-थोड़ा योगदान दें, तो भारत किसी भी वैश्विक संकट का डटकर सामना कर सकता है।

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