राहगीरों को ठंडा पानी पिलाने से पहले रिश्वत से अपनी प्यास बुझा रहे थे जेई साहब, विजिलेंस ने फेर दिया अरमानों पर पानी

खबर शेयर करें -

 

राजू अनेजा, काशीपुर।राहगीरों को गर्मी से राहत देने के लिए लगाए गए वाटर कूलरों की योजना भी कथित तौर पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। भुगतान जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जसपुर ब्लॉक के जूनियर इंजीनियर (जेई) विवेक कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की इस कार्रवाई से ब्लॉक प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर पर भी 12 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है, जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, ब्लॉक क्षेत्र के एक पंजीकृत ठेकेदार ने सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ब्लॉक क्षेत्र में वाटर कूलर लगाने का कार्य पूरा होने के बावजूद भुगतान जारी करने के लिए जेई विवेक कुमार 20 हजार रुपये और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर 12 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप था कि बिना रिश्वत दिए भुगतान की फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी।

यह भी पढ़ें 👉  काशीपुर में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: 20 हजार की रिश्वत लेते कनिष्ठ अभियंता रंगे हाथ गिरफ्तार, वीडीओ पर भी गिरेगी गाज

शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने पूरे मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में इंस्पेक्टर के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया।

यह भी पढ़ें 👉  4 साल पोकलैंड लेकर गोला में चैन की बंसी बजाते रहे मोहन, राजस्व गांव का मुद्दा कब तेज बहाव में डूब गया, पता ही न चला

सोमवार को काशीपुर के कुंडा क्षेत्र में जैसे ही जेई विवेक कुमार ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लिए, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आरोपी जेई को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए साथ ले जाया गया, जबकि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर मौके पर नहीं मिला।

सतर्कता अधिकारियों ने बताया कि दूसरे आरोपी दीपक सागर के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  अल्मोड़ा: चायखान-बेगानिया मार्ग पर गहरी खाई में गिरी ऑल्टो कार; एक ही गांव के 4 लोगों की दर्दनाक मौत, पिता की मौत-बेटा गंभीर घायल

सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने सफल ट्रैप कार्रवाई करने वाली टीम की सराहना करते हुए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। कार्रवाई में इंस्पेक्टर विनोद यादव, प्रभात कुमार सहित सतर्कता अधिष्ठान की विशेष टीम शामिल रही।

सतर्कता विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है या भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी हो तो उसकी सूचना टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 अथवा व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

 

Ad