बेरीनाग: रसोई गैस रिसाव से लगी आग, पति-पत्नी समेत दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलसे; हायर सेंटर रेफर
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। सानीखेत गांव के दिगतोली में रसोई गैस के रिसाव के कारण घर में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
खाना बनाने के दौरान हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा शनिवार दोपहर करीब दो बजे उस समय हुआ जब जीवन राम की पत्नी जानकी देवी खाना बना रही थीं:
-
अचानक रसोई गैस सिलेंडर से रिसाव शुरू हुआ और घर के भीतर आग फैल गई।
-
शोर सुनकर आग बुझाने पहुँचे जीवन राम स्वयं भी आग की लपटों की चपेट में आ गए।
-
इस हादसे में जीवन राम, उनकी पत्नी जानकी देवी, 3 वर्षीय पुत्री प्रियांशी और 1 वर्षीय मासूम पुत्र सिद्धार्थ गंभीर रूप से झुलस गए।
-
जीवन राम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए जलते हुए सिलेंडर को घर से बाहर फेंक दिया, जिससे एक बड़ा धमाका होने और बड़ी जनहानि टल गई।
ग्रामीणों और व्यापारियों ने पेश की मानवता की मिसाल
हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुँचाने और उनके उपचार के लिए स्थानीय लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई:
-
समय पर 108 एंबुलेंस सेवा न मिलने के कारण ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए टैक्सी वाहन से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बेरीनाग पहुँचाया।
-
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने चारों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
-
आर्थिक तंगी के कारण जीवन राम ने हायर सेंटर जाने से मना कर दिया था, जिसके बाद व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश रावत और अन्य व्यापारियों ने इलाज के लिए आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया।
-
व्यापारियों की मदद और 108 एंबुलेंस के माध्यम से अंततः घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी भेजा गया।
सहायता और मुआवजे की मांग
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धार्थ पाटनी ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार देकर रेफर कर दिया गया है। प्रभावित परिवार की स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान शीला देवी ने सरकार से परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है, क्योंकि जीवन राम मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

