
राजू अनेजा,काशीपुर। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित तौर पर असामाजिक तत्वों द्वारा मंच का शुद्धिकरण किए जाने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। पुलिस की ओर से अब तक कार्रवाई न होने पर कांग्रेस ने मोर्चा खोलते हुए काशीपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर सौंपी।
महानगर कांग्रेस कमेटी की जिला अध्यक्ष अलका पाल ने आरोप लगाया कि भाजपा खुलेआम असामाजिक तत्वों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा के बाद जिस तरह मंच का कथित रूप से शुद्धिकरण किया गया, वह न केवल कांग्रेस का अपमान है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
अलका पाल ने कहा कि देश में सभी धर्मों, जातियों और विचारधाराओं के लोगों को समान अधिकार संविधान देता है। ऐसे में किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धिकरण करना समाज में भेदभाव और वैमनस्य को बढ़ावा देने वाली मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा और उसके अनुसांगिक संगठन देश में विद्वेष की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। यदि इस प्रकरण में शामिल लोगों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं होती है तो इससे असामाजिक तत्वों के हौसले और बढ़ेंगे।
“संविधान का अपमान करने वालों पर खामोशी क्यों?”
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे कौन से कारण हैं कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि संविधान की रक्षा का संकल्प लेने वाले राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
अलका पाल ने तीखे अंदाज में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली कहावत भाजपा पर पूरी तरह फिट बैठती नजर आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक समानता के खिलाफ होने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

