उत्तराखंड में पर‍िजन के न‍िधन के बाद नौकरी म‍िलने का न‍ियम बदला, पढ़ें सरकार की गाइडलाइन

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उत्तराखंड में मृतक आश्रितों को सरकारी नौकरी देने के नियम में बड़ा बदलाव किया गया है। धामी सरकार ने उत्तर प्रदेश के जमाने वाले भर्ती नियम में बड़ा संशोधन किया है।

अब परिजन के निधन के बाद उनके परिवार के किसी सदस्य को मिलने वाली सरकार नौकरी का दायरा बढ़ा दिया गया है। सरकार ने उनके लिए राज्य लोक सेवा आयोग का भी दरवाजा खोल दिया है। आइये जानते हैं क्या राज्य सरकार की नई गाइडलाइन क्या है?

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उत्तराखंड की धामी सरकार ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत उत्तर प्रदेश रिक्रूटमेंट ऑफ गवर्नमेंट सर्वेंट डाइंग इन हार्नेस रूल्स, 1974 को बदलकर उत्तराखंड संशोधन नियमावली 2023 जारी की गई। यह नियम मृतक आश्रितों को मिलने वाली सरकारी नौकरियों में प्रभावी होगा। इसके तहत वे राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा निकलने वाली भर्तियों में शामिल हो सकेंगे।

उत्तराखंड भर्ती प्रक्रिया में हुआ बदलाव

भर्ती प्रक्रिया के संशोधित नियम में कहा गया है कि अगर किसी सरकारी कर्मी का निधन हो जाता है और उसकी पति या पत्नी या परिवार का कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के किसी विभाग में कार्यरत नहीं है तो वे राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा निकले वाले ग्रुप-सी या डी के पदों पर भी आवेदन कर सकते हैं। साथ ही परिजन के निधन के पांच साल के अंदर ही आश्रित आवेदन कर सकते हैं।

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राज्य लोक सेवा आयोग की भर्ती में हो सकेंगे शामिल

आपको बता दें कि उत्तराखंड में अबतक मृतक आश्रितों को राज्य लोक सेवा आयोग को छोड़कर बाकी विभागों के समूह ग पदों पर नौकरी मिलती थी, लेकिन अब नियम बदल गया है। अब मृतक आश्रित इस आयोग से निकलने वाली भर्ती में आवेदन करके नौकरी पा सकते हैं।

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