बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग पर भड़का जनाक्रोश: कुड़ाई ने सरकार को दी अनिश्चितकालीन अनशन और चक्का जाम की चेतावनी

लालकुआं (नैनीताल)। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर तहसील परिसर में ग्रामीणों के जोरदार प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन चंद्र कुड़ाई ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मीडिया को संबोधित करते हुए मोहन चंद्र कुड़ाई ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाना यहां की जनता का बुनियादी और संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन आज तक इस क्षेत्र के हजारों पूर्व सैनिकों और सीमांत किसान परिवारों को उनकी ही भूमि का मालिकाना हक नहीं दिया गया। वर्तमान सरकार केवल झूठे आश्वासनों से लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस जायज मांग को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सड़कों से लेकर सदन तक उग्र प्रदर्शन करेगी।
’20 साल का सब्र टूटा, अब कोरा आश्वासन नहीं बल्कि सीधे धरातल पर शासनादेश चाहिए’
कांग्रेस नेता ने सरकार को कड़ा चेतावनी देते हुए कहा कि बिंदुखत्ता में उमड़ा जनसैलाब शासन और प्रशासन की नींद उड़ाने के लिए काफी है। पिछले 20 वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रही जनता के सब्र का बांध अब टूट चुका है। उन्होंने कहा कि अब कोई कोरा आश्वासन स्वीकार नहीं होगा, बल्कि सीधे धरातल पर अधिकार और शासनादेश चाहिए। यदि सौंपे गए ज्ञापन पर तुरंत लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इस महारैली को तहसील परिसर में ही अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन में बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश सेवा से लौटे पूर्व सैनिकों के इस क्षेत्र के हक के लिए न्याय के देवता घोड़ाखाल गोल्ज्यू मंदिर में भी अर्जी लगाई गई है। अगर मांग की अनदेखी हुई, तो यह आंदोलन केवल बिंदुखत्ता तक सीमित न रहकर पूरी लालकुआं विधानसभा में चक्का जाम और उग्र रूप धारण करेगा।
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