नैनीताल पर गहराता संकट: डांठ चौराहे पर उभरी दरारें, मालरोड का ट्रीटमेंट जारी

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नैनीताल: सरोवर नगरी में भूस्खलन और धंसाव का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ब्रिटिशकालीन तल्लीताल डांठ, जो नैनी झील के पानी को नियंत्रित करने वाला मुख्य तटबंध है, उसके ऊपर बनी सड़क पर दरारें देखी गई हैं।

🚨 डांठ चौराहे की स्थिति: सुरक्षा या सामान्य सिकुड़न?

सड़क की ऊपरी सतह पर मेस्टिक (डामर का लेप) बिछाने के बाद ये दरारें उभर आई हैं। इसको लेकर दो पहलू सामने आ रहे हैं:

  • लोनिवि का तर्क: अधिशासी अभियंता रत्नेश कुमार सक्सेना के अनुसार, अक्टूबर में बिछाई गई मेस्टिक की परत शीतकाल (ठंड) में सिकुड़ने के कारण जोड़ों पर दरारें दिखा रही है।

  • खतरे की आशंका: यदि ये दरारें सतह से गहरी हैं, तो यह सीधे तौर पर डांठ की मजबूती और शहर की नींव पर असर डाल सकती हैं।

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🏗️ लोअर मालरोड: 2018 और 2025 की चोट का उपचार

नैनीताल की प्रसिद्ध मालरोड का निचला हिस्सा लंबे समय से धंसाव की चपेट में है:

  • ताजा अपडेट: 14 सितंबर 2025 को आए बड़े धंसाव के बाद वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

  • उपचार (Treatment): सहायक अभियंता विवेक सिंह ने बताया कि पहले चरण का 80% उपचार कार्य पूरा हो चुका है। इससे पूर्व 2018 में भी सड़क का एक बड़ा हिस्सा झील में समा गया था।

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📊 नैनीताल पर बढ़ता दबाव (एक नजर में)

चुनौती विवरण
पर्यटकों का दबाव ग्रीष्मकाल में प्रतिदिन 15-20 हजार पर्यटक।
ट्रैफिक समस्या वाहनों के दबाव के कारण 8 किमी दूर रूसी बाईपास पर शटल सेवा का प्रयोग।
भौगोलिक खतरा बलियानाला क्षेत्र का लगातार खिसकना और मालरोड में दरारें।
अधोसंरचना ब्रिटिशकालीन डांठ पर अत्यधिक यातायात का बोझ।

⚠️ क्यों महत्वपूर्ण है ‘तल्लीताल डांठ’?

तल्लीताल डांठ केवल एक चौराहा नहीं है, बल्कि यह नैनी झील के जलस्तर को नियंत्रित करने वाला मुख्य ढांचा है। यदि यहाँ कोई बड़ी क्षति होती है, तो इसका सीधा असर झील के अस्तित्व और निचले इलाकों (जैसे बलियानाला) की सुरक्षा पर पड़ेगा।

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🛠️ प्रशासन की अगली कार्रवाई

  1. गहन पड़ताल: लोक निर्माण विभाग (PWD) दरारों की गहराई और सड़क के भीतर की स्थिति की जांच करेगा।

  2. शटल सेवा: संवेदनशील क्षेत्रों पर दबाव कम करने के लिए रूसी बाईपास से शटल सेवा को और प्रभावी बनाया जा रहा है।

  3. मानसून पूर्व तैयारी: 2026 के मानसून से पहले मालरोड के ट्रीटमेंट को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।