बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का मुद्दा विधानसभा में उठाने की मांग

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हल्द्वानी: जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रमोद कलौनी ने शनिवार को हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश और उत्तराखंड विधानसभा के उप नेता भुवन कापड़ी से मुलाकात की। उन्होंने उनसे आगामी विधानसभा सत्र में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का मुद्दा उठाने की मांग की है।


 

वनाधिकार कानून की प्रगति पर सवाल

 

प्रमोद कलौनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा 2006 में पारित वन अधिकार अधिनियम (FRA) का उद्देश्य वनभूमि पर आश्रित समुदायों को न्याय दिलाना था। अधिनियम को लागू हुए लगभग 19 साल हो चुके हैं, लेकिन उत्तराखंड में इसकी प्रगति बेहद धीमी है।

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उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि:

  • पूरे देश में: लगभग 25 लाख दावे स्वीकृत हुए और 1600 से अधिक वन गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया।
  • उत्तराखंड में: सिर्फ 185 दावे स्वीकृत हुए और केवल 6 गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा मिला। किसी भी व्यक्ति को एक इंच भूमि का अधिकार पत्र नहीं मिला है।
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विधानसभा में उठाने की मांग

 

कलौनी ने कहा कि इस विषय को विधानसभा में उठाकर वर्तमान सरकार की जिम्मेदारी तय करने और अधिकारियों व आम जनता में इस कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने दोनों विधायकों से निवेदन किया कि वे विधानसभा में इस मुद्दे को उठाकर बिंदुखत्ता के लोगों को न्याय दिलवाएं।

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