पूर्णागिरि धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब: दो दिनों में 30 हजार से अधिक भक्तों ने टेका मत्था; अव्यवस्थाओं ने बढ़ाई मुश्किलें

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टनकपुर: उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम में महीने के दूसरे शनिवार और रविवार की छुट्टी के चलते श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। शनिवार शाम से रविवार दोपहर तक करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया। भक्तों की भारी भीड़ के कारण टनकपुर से लेकर मुख्य मंदिर तक खासी चहल-पहल देखी गई, हालांकि बढ़ती भीड़ के आगे प्रशासन की व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं।

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अव्यवस्थाओं से जूझते श्रद्धालु

भारी भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण श्रद्धालुओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पूर्णागिरि मार्ग पर शनिवार देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही। इसके अलावा, ककराली गेट से मुख्य मंदिर तक बिछाई गई विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण रात के समय भक्तों को अंधेरे में ही सफर तय करना पड़ा। वाहनों की कमी का आलम यह था कि यात्रियों को समय पर टैक्सियां नहीं मिल पाईं, जिसके चलते सैकड़ों श्रद्धालुओं को रात में ही पैदल यात्रा करनी पड़ी।

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सुरक्षा और प्रशासन की व्यवस्था

शारदा घाट पर भी स्नान करने वालों की भारी भीड़ रही, जहाँ जल पुलिस लगातार लोगों को नदी की तेज धारा से दूर रहने की चेतावनी देती रही। मां के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नेपाल स्थित सिद्धबाबा के दर्शन भी किए, जिससे सीमावर्ती बाजार ब्रह्मदेव में भी काफी रौनक रही। मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी ने बताया कि मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है और अव्यवस्थाओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। रेलवे स्टेशन पर पुलिस और जीआरपी की मुस्तैदी से यात्रियों को शांतिपूर्ण तरीके से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

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