‘कथा का प्रसाद’ समझकर चार बच्चों ने खाई चूहे मारने की दवा; हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
ऋषिकेश/ढालवाला: तीर्थनगरी ऋषिकेश से सटे टिहरी जिले के ढालवाला क्षेत्र में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ चार मासूम बच्चों ने घर में रखी चूहे मारने की दवा को गलती से ‘कथा का प्रसाद’ समझकर खा लिया. दवा का सेवन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां होने लगीं, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया.
आटे में मिली दवा को चीनी मिलाकर खाया
जानकारी के अनुसार, घटना के समय घर पर कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था. कक्षा 9, 7, 6 और 5 में पढ़ने वाले इन चार बच्चों ने घर में आटे के साथ मिलाकर रखी गई चूहे मारने की दवा देख ली. बच्चों ने उसे प्रसाद समझा और उसमें चीनी मिलाकर उसका सेवन कर लिया. जब बच्चों के पिता घर लौटे, तो उन्होंने बच्चों को बीमार हालत में पाया. पूछताछ में बच्चों ने बताया कि ‘प्रसाद’ खाने के बाद से उन्हें परेशानी हो रही है.
तीनों बहनें और भाई खतरे से बाहर
परिजनों ने तत्काल चारों बच्चों को सरकारी अस्पताल पहुँचाया. अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष पंत ने बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण अब सभी बच्चों की हालत में सुधार है. फिलहाल चारों बच्चों—जिनमें तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल है और जो आपस में चचेरे भाई-बहन हैं—को डॉक्टरों की निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखा गया है. परिजनों ने बताया कि वे किसी काम से बाहर गए हुए थे, जिस दौरान यह हादसा हुआ.
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