2027 चुनाव में सीएम धामी किस सीट से ठोकेंगे ताल? चंपावत, खटीमा से लेकर काशीपुर-रुद्रपुर तक सियासी हलचल तेज

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देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से बिसात बिछने लगी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यह साफ कर दिया है कि आगामी चुनाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। हालांकि, मुख्यमंत्री धामी खुद किस विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे, इसे लेकर सियासी गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है। वर्तमान में वे चंपावत सीट से विधायक हैं, लेकिन 2027 के लिए उनके पुराने गढ़ खटीमा के अलावा ऊधम सिंह नगर जिले की काशीपुर और रुद्रपुर सीटों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।
चंपावत सबसे मजबूत विकल्प, लेकिन खटीमा वापसी की संभावना भी बरकरार
2022 के चुनाव में खटीमा से हार के बाद सीएम धामी ने चंपावत उपचुनाव रिकॉर्ड अंतर से जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था, इसलिए चंपावत को उनके लिए सबसे सुरक्षित और स्वाभाविक सीट माना जा रहा है। हालांकि, 2012 और 2017 में विधायक रहे धामी की राजनीतिक पहचान खटीमा से जुड़ी रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी उन्हें दोबारा खटीमा से मैदान में उतारती है, तो यह अपने पुराने राजनीतिक गढ़ को फिर से हासिल करने और बड़ा सियासी संदेश देने की कोशिश होगी।
तराई की सीटों पर भी नजर, पार्टी आलाकमान तय करेगा अंतिम रणनीति
इसके अतिरिक्त ऊधम सिंह नगर की काशीपुर और रुद्रपुर सीटों को लेकर भी जनचर्चाओं का दौर जारी है, जिससे तराई क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण साधने में मदद मिल सकती है। जानकारों के अनुसार, मुख्यमंत्री की सीट का फैसला केवल व्यक्तिगत पसंद नहीं, बल्कि जातीय-क्षेत्रीय समीकरण, स्थानीय संगठन और राज्यभर में जाने वाले राजनीतिक संदेश को ध्यान में रखकर किया जाएगा। 2027 में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रही भाजपा ऐसी सीट का चयन करना चाहेगी जो न केवल सुरक्षित हो, बल्कि आसपास की सीटों पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सके।
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