उत्तराखंड सरकार राजस्व बढ़ाने पर केंद्रित: शराब की गुणवत्ता जांच, खनन और नए स्रोतों की तलाश

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उत्तराखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपना राजस्व सरप्लस राज्य का दर्जा बरकरार रखने के लिए आय के संसाधन बढ़ाने पर पूरी ताकत झोंक रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष निर्देशों के बाद, राजस्व प्राप्त करने वाले विभागों को आय बढ़ाने के लिए विशिष्ट कार्ययोजनाएँ सौंपी गई हैं। ढीला प्रदर्शन कर रहे विभागों को खामियां दूर करने और नए स्रोत खोजने के निर्देश दिए गए हैं।


 

आबकारी विभाग: मिलावट रोकने को लैब टेस्टिंग

 

आबकारी विभाग, जो जीएसटी के बाद राज्य की आय का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है, अपने लक्ष्य से पीछे है। विभाग ने ₹5060 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले केवल ₹4800 करोड़ अर्जित करने का अनुमान लगाया है।

  • समस्या और समाधान: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि प्रदेश में निर्मित शराब में मिलावट की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे उपभोक्ता बाहर की शराब को प्राथमिकता दे रहे हैं।
  • सख्ती: इन शिकायतों पर रोक लगाने और स्थानीय शराब की मांग बढ़ाने के लिए अब प्रदेश में बन रही शराब की लैब टेस्टिंग की जाएगी।
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जीएसटी और खनन क्षेत्रों में लक्ष्य आवंटन

 

  • जीएसटी: जीएसटी से इस वर्ष ₹11,221 करोड़ की वसूली का लक्ष्य है। हालांकि, जीएसटी की दरें घटने से चुनौतियां बढ़ी हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जीएसटी प्राप्ति हेतु हर सेक्टरवार लक्ष्य आवंटित करने को कहा गया है।
  • खनन: खनन से इस वर्ष ₹950 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹1150 करोड़ अर्जित करने के प्रयास तेज किए गए हैं।
    • नई पहल: अब वन क्षेत्रों में खनन की संभावना का पता लगाते हुए खनन लाट चिह्नित किए जाएंगे। साथ ही, वन क्षेत्रों में निजी सहभागियों को भी पट्टे देने पर विचार करने को कहा गया है।
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वन, परिवहन और ऊर्जा विभाग के लिए निर्देश

 

 

1. वन विभाग: जड़ी-बूटियों और कार्बन क्रेडिट पर जोर

 

राजस्व प्राप्ति में वन विभाग का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

  • जड़ी-बूटियों से आय: वन क्षेत्रों में जड़ी-बूटियां आय का मुख्य स्रोत हो सकती हैं। इनकी आय का सही आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी की सहायता ली जाएगी।
  • अन्य स्रोत: विभाग को कार्बन क्रेडिट, नए इको टूरिज्म स्थलों के विकास, और लीसा दोहन पर होने वाले आय से अधिक खर्च को देखते हुए इसमें सुधारात्मक कदम उठाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है।

 

2. परिवहन और ऊर्जा विभाग

 

  • परिवहन विभाग: ₹1504 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले शुरुआती महीनों में वसूली कम रही, लेकिन वाहन बिक्री बढ़ने से अब राजस्व प्राप्ति में सुधार होने की उम्मीद है।
  • ऊर्जा विभाग: इसे कर और करेत्तर राजस्व के रूप में ₹1100 करोड़ की वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए तेजी से उपाय करने को कहा गया है, क्योंकि शुरुआती महीनों में केवल 15% राजस्व वसूली हुई है।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार आय संसाधन बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है, जिससे विकास कार्यों के लिए धन की उपलब्धता बनी रहेगी।