हल्द्वानी: सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पर 7 बड़े कोचिंग संस्थान सील, कई में नहीं मिली फायर NOC
हल्द्वानी (नैनीताल), 26 जून 2026: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तराखंड का शासन-प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। नैनीताल के जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल के कड़े विधिक निर्देशों पर शुक्रवार को प्रशासन, अग्निशमन विभाग और जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने हल्द्वानी शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान छात्र सुरक्षा और फायर सेफ्टी मानकों में गंभीर खामियां व लापरवाही पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ७ बड़े कोचिंग संस्थानों को सील (Seal) कर दिया, जबकि एक अन्य संस्थान को सख्त हिदायत देते हुए मानक पूरे करने के विधिक निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मारा छापा; संचालकों में मचा हड़कंप
जिला प्रशासन द्वारा छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए इस विशेष अभियान से शहर के शैक्षणिक और कोचिंग हब में दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही। जांच टीम का नेतृत्व स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया गया, जिसमें शामिल रहे:
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सिटी मजिस्ट्रेट: एपी वाजपेयी
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एसडीएम (SDM): मोनिका आर्या
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सचिव (जिला विकास प्राधिकरण): मनीष कुमार
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फायर ब्रिगेड की तकनीकी टीम
प्रशासनिक टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों में औचक रूप से प्रवेश कर धरातलीय व्यवस्थाओं को परखा।
जांच के मुख्य बिंदु: आपातकालीन निकास और फायर NOC गायब
संयुक्त विधिक टीम द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं और सुरक्षा मानकों की गहनता से तकनीकी जांच की गई:
१. भवन का विधिक व ढांचागत सुरक्षा प्रमाणपत्र।
२. किसी भी अनहोनी की स्थिति में त्वरित निकासी के लिए ‘आपातकालीन निकास’ (Emergency Exits) की उपलब्धता।
३. क्रियाशील अग्निशमन उपकरण (Fire Extinguishers) और स्वचालित फायर अलार्म सिस्टम।
४. अग्निशमन विभाग द्वारा जारी वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC)।
मिली गंभीर खामियां: जांच के दौरान पाया गया कि कई बड़े कोचिंग संस्थान बिना फायर एनओसी (NOC) के ही धड़ल्ले से संचालित हो रहे थे। कई जगहों पर आपातकालीन रास्ते बंद थे या मानकों के अनुरूप नहीं थे, जिससे वहां पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं की जान सीधे तौर पर जोखिम में बनी हुई थी।
लापरवाही पर सख्त रुख; 7 संस्थान तत्काल प्रभाव से बंद
सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर समझौता न करते हुए टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ७ बड़े संस्थानों के परिसरों को विधिक रूप से सील करने की कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त, एक अन्य संस्थान को अल्टीमेटम (समय सीमा) देते हुए सभी विधिक व तकनीकी मानकों को तत्काल दुरुस्त करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि, लगातार जारी रहेंगे ऐसे निरीक्षण: सिटी मजिस्ट्रेट
इस कड़ी विधिक कार्रवाई और प्रशासनिक रुख को स्पष्ट करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और प्राधिकरण सचिव मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से बताया:
“कोचिंग संस्थानों में बहुत बड़ी संख्या में युवा विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक भयमुक्त और पूर्णतः सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण (Safe Educational Environment) सुनिश्चित करना है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण और सख्त वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।”
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