किच्छा में हाईवोल्टेज ड्रामा: प्रियंका वाड्रा की जेठानी के फार्म हाउस विवाद में कूदे विधायक तिलक राज बेहड़, पुलिस से झड़प के बाद गेट पर धरने पर बैठे, आत्मदाह की चेतावनी

किच्छा/ऊधमसिंह नगर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा अंतर्गत पिपलिया क्षेत्र में स्थित आठ एकड़ के ‘खान फार्म’ पर चल रहा मालिकाना हक का विवाद बुधवार को उस समय बेहद गर्मा गया, जब स्थानीय कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ एक पक्ष को कब्जा दिलाने के लिए पुलिस-प्रशासन से भिड़ गए। दरअसल, यह विवाद कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा (स्व. रिचर्ड वाड्रा की पत्नी) और उनकी बुआ नसरीन सांगा के बीच चल रहा है। सायरा वाड्रा का आरोप है कि स्व. कुलसुम खान द्वारा की गई वसीयत के आधार पर भूमि उनके नाम है, लेकिन उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर विपक्षी पक्ष ने फार्म पर जबरन कब्जा कर लिया, जबकि कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति (स्टे) बनाए रखने का आदेश दिया था। बुधवार शाम जब विधायक बेहड़, सायरा वाड्रा के साथ किच्छा कोतवाली पहुंचे, तो पुलिस-प्रशासन ने भूमि संबंधी मामला न्यायालय में होने का हवाला दिया। इस बात पर भड़के विधायक ने पुलिस पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया और भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सीधे फार्म हाउस की ओर कूच कर दिया।
टकराव और अशांति की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सितारगंज हाईवे से लगे फार्म का मुख्य गेट बंद कर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया था। विधायक बेहड़ ने जब कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर गेट खुलवाने का प्रयास किया, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक, धक्कामुक्की और झड़प हो गई। पुलिस के रवैये से नाराज होकर विधायक तिलक राज बेहड़ गेट के सामने ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और उन्होंने मौके पर आत्मदाह करने की भी चेतावनी दे डाली, जिससे पूरे क्षेत्र में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। विधायक बेहड़ के धरने की खबर मिलते ही किच्छा के अलावा रुद्रपुर, गदरपुर, सितारगंज और बाजपुर से भी भारी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता पिपलिया पहुंच गए। रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा और वरिष्ठ नेता हरेंद्र सिंह लाडी सहित तमाम बड़े नेताओं ने धरने में शामिल होकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकालने की मांग पर अड़े रहे।
बढ़ते तनाव और उग्र होती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किच्छा और पुलभट्टा के अलावा आसपास के कई थानों और सितारगंज से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाकर तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से विधायक को मनाने और वार्ता करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन वे अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इस पूरे घटनाक्रम पर किच्छा के एसडीएम गौरव पांडेय ने कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। वहीं धरने पर बैठे विधायक तिलक राज बेहड़ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि इस मामले में न्याय नहीं मिला और जबरन कब्जा करने वालों को बाहर नहीं निकाला गया, तो इस भूमि घोटाले के विरुद्ध पूरे उत्तराखंड में प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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