
राजू अनेजा ,काशीपुर। शहर में ब्ला-ब्ला कार एप अब कार-पूलिंग नहीं, बल्कि अवैध टैक्सी संचालन का जरिया बनता जा रहा है। बिना एग्रीगेटर लाइसेंस निजी वाहन चालक खुलेआम सवारियां ढो रहे हैं, मोटा मुनाफा कमा रहे हैं और सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचा रहे हैं।
परिवहन विभाग की कार्रवाई के बावजूद यह अवैध धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा। बीते करीब चार महीनों में विभाग ने ऐसे 12 वाहनों को पकड़ा है, जिनमें से 4 वाहन सीज किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में प्राइवेट गाड़ियां बेधड़क सड़कों पर दौड़ रही हैं।
टैक्सी स्टैंड बने निजी गाड़ियों के अड्डे
काशीपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में निजी वाहन चालक ब्ला-ब्ला एप के जरिए दिल्ली, देहरादून और यूपी के अन्य शहरों तक सवारियां ले जा रहे हैं। कुंडेश्वरी रोड, बाजपुर रोड और मुरादाबाद रोड पर बाकायदा टैक्सी स्टैंड की तर्ज पर निजी और कमर्शियल वाहन खड़े दिखाई देते हैं।
ब्ला-ब्ला एप पर सीट बुक कर यात्री एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा कर रहे हैं। खासकर जब ट्रेन या एसी बसों में सीट नहीं मिलती, तो यात्री इस एप को ही सहारा बना लेते हैं। यह सुविधा दिन-रात उपलब्ध है, जिससे अवैध संचालन और तेजी से फैल रहा है।
न फिटनेस, न सुरक्षा—दुर्घटना में बढ़ेगा संकट
चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकतर निजी वाहनों की न तो वैध फिटनेस होती है और न ही कमर्शियल संचालन से जुड़े जरूरी दस्तावेज। डग्गामारी के इस खेल में यदि कोई दुर्घटना हो जाए, तो बीमा और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना यात्रियों के लिए भारी सिरदर्द बन सकता है।
प्रवर्तन विभाग की स्वीकारोक्ति
एआरटीओ प्रवर्तन काशीपुर संदीप वर्मा ने साफ कहा—
“ब्ला-ब्ला एप के माध्यम से भारी संख्या में गाड़ियां संचालित हो रही हैं। चेकिंग के दौरान अब तक 12 गाड़ियों का चालान किया गया है और चार गाड़ियां सीज की गई हैं। ब्ला-ब्ला के लिए वाहन स्वामी को उत्तराखंड सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। जिनके पास लाइसेंस है, वही वाहन वैध हैं। क्षेत्र में फिलहाल अधिकतर अवैध वाहन ही संचालित हो रहे हैं।”
सवालों के घेरे में सिस्टम
सवाल यह है कि जब अवैध संचालन सबके सामने है, तो आखिर कब लगेगी इस पर पूरी तरह लगाम? ब्ला-ब्ला एप की आड़ में चल रहा यह धंधा न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा से भी खुला खिलवाड़ कर रहा है।
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