इधर-उधर की बात न कर, ये बता कि “कारवां क्यों लूटा?”— खड़ी फसल रौंदे जाने पर सदन में गरजे कापड़ी

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राजू अनेजा,देहरादून/खटीमा।खटीमा के दमगड़ा तलवार फार्म में सवा सौ एकड़ खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवाने का मामला अब सियासी रंग ले चुका है। बजट सत्र के दौरान भुवन कापड़ी ने सदन में सरकार को घेरते हुए इस पूरे प्रकरण पर तीखे सवाल उठाए और दोषी अधिकारियों व भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विधानसभा में बोलते हुए कापड़ी ने शेर पढ़ते हुए सरकार पर निशाना साधा—
“इधर-उधर की बात न कर, ये बता कि कारवां क्यों लूटा…
मुझे रहज़नों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है।”
उन्होंने कहा कि किसानों की महीनों की मेहनत से खड़ी सवा सौ एकड़ फसल को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में दर्जनों ट्रैक्टरों से रौंद दिया गया, जो बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। कापड़ी ने आरोप लगाया कि बिना नंबरों के ट्रैक्टरों से खेत जोतवाकर प्रशासन अब अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि यदि इस कार्रवाई के पीछे उच्च न्यायालय का कोई आदेश था तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। आखिर प्रशासन इस मामले में खुलकर सामने क्यों नहीं आ रहा।
कापड़ी ने कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र के बेहद करीब हुई है, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। किसानों की मेहनत को इस तरह कुचलना लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों को ताक पर रखकर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवाने वाले अधिकारियों व संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
कापड़ी ने यह भी कहा कि जिन परिवारों ने दशकों पहले तराई क्षेत्र को बसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों को न्याय नहीं मिला तो विपक्ष इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाता रहेगा।

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