सेना का अपमान बर्दाश्त नहीं: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर बरसे सीएम धामी, जनता से की खास अपील
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट में आयोजित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि जब कुछ लोग अपनी ओछी राजनीति के लिए भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल उठाते हैं और सबूत मांगते हैं, तो एक सच्चे राष्ट्रभक्त के नाते उनका खून खौल उठता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लोकतंत्र में सरकार और पार्टी का विरोध स्वीकार्य है, लेकिन सेना का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
‘दब्बू’ नहीं, अब घर में घुसकर मारता है भारत
मुख्यमंत्री ने 2014 से पहले और बाद के भारत की तुलना करते हुए कहा कि पहले देश की पहचान एक ‘दब्बू’ राष्ट्र के रूप में होने लगी थी और रक्षा उपकरणों के लिए हम दूसरों पर निर्भर थे। लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 80 देशों को हथियार निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा, “जो लोग कभी कश्मीर के लाल चौक जाने से डरते थे, वे आज सेना का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अब सीमा पर गोली चलाने के लिए दिल्ली से अनुमति नहीं मांगनी पड़ती, बल्कि सेना को दुश्मन को घर में घुसकर मारने की खुली छूट है।” धारा 370 का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि विपक्षी खून-खराबे का डर दिखा रहे थे, लेकिन वहां एक मच्छर तक नहीं मरा।
मध्य पूर्व संकट पर जनता से अपील
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों और मध्य पूर्व संकट की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने जनता से देशभक्ति का परिचय देने का आह्वान करते हुए अपील की कि पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग संयम से करें और निजी वाहनों का प्रयोग सीमित करें। सीएम धामी ने कहा कि जिस तरह कोरोना काल में पूरे देश ने एकजुट होकर संघर्ष किया था, आज फिर वैसी ही एकजुटता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर है।
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