क्या कोर्ट के आदेश से ऊपर एआरटीओ? ई-रिक्शा रिलीज न करने पर नोटिस जारी

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एसीजेएम के अवमुक्ति आदेश के बावजूद वाहन नहीं सौंपने का आरोप, 9 जुलाई को होगी सुनवाई

राजू अनेजा,काशीपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) के आदेश के बावजूद सीज किए गए ई-रिक्शा को रिलीज न करने का मामला तूल पकड़ गया है। वाहन स्वामी ने संभागीय उप परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली है। मामले का संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने एआरटीओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जानकारी के अनुसार, तीन मार्च 2026 को चेकिंग अभियान के दौरान एआरटीओ ने मोहल्ला गंज निवासी मोहम्मद इकबाल का ई-रिक्शा (यूके-18 ईआर-3680) सीज कर दिया था। इसके बाद इकबाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से ई-रिक्शा की सुपुर्दगी के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर किया।
मामले की सुनवाई के बाद एसीजेएम सचिन कुमार ने 15 मई 2026 को आदेश पारित करते हुए ई-रिक्शा को उसके स्वामी मोहम्मद इकबाल के पक्ष में अवमुक्त करने के निर्देश दिए। आरोप है कि 16 मई को आदेश की प्रमाणित प्रति लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचने के बावजूद कर्मचारियों ने वाहन रिलीज नहीं किया।
इस पर मोहम्मद इकबाल ने 13 जून 2026 को पुनः न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल कर एआरटीओ पर न्यायालय के आदेश की अवमानना का आरोप लगाया। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एआरटीओ को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले में 9 जुलाई 2026 को सुनवाई होगी।

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