ज्योलिकोट दूषित जल कांड: 4 मौतों और 400 लोगों के बीमार होने पर फूटा प्रशासनिक चाबुक, 6 इंजीनियर निलंबित
नैनीताल। नैनीताल जिले के ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति से फैले भीषण प्रकोप पर आखिरकार राज्य सरकार और शासन का कड़ा चाबुक चल ही गया। दूषित पानी पीने से डायरिया और पीलिया के चलते 4 लोगों की मौत और करीब 400 लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने के मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए जल संस्थान और पेयजल निगम के 6 अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी को कठोर चेतावनी जारी की गई है। इस बड़ी लापरवाही पर विभागीय जांच रिपोर्ट और संस्तुति मिलने के बाद यह सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
जल संस्थान व पेयजल निगम के अधिकारियों पर गिरी गाज, नए अधीक्षण अभियंता की तैनाती
मामले में लापरवाही बरतने के दोषी पाए गए उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार, सहायक अभियंता मोहन सिंह रावत और अपर सहायक अभियंता रवींद्र को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अधिशासी अभियंता अनीश एम. पिल्लई को चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा पेयजल निगम निर्माण खंड के कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा, प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्य और प्रभारी अधिशासी अभियंता शशि पाल सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है। घटना के बाद व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जल संस्थान हल्द्वानी के अधीक्षण अभियंता का नया प्रभार नंदकिशोर को सौंपा गया है।

