
राजू अनेजा, काशीपुर। आगामी बकरीद पर्व को लेकर नगर निगम काशीपुर ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनसे पूरे शहर में निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नगर आयुक्त द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड, नैनीताल के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन अनिवार्य रहेगा।
नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि अब खुले में या मनमाने स्थानों पर कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस में ही कुर्बानी की अनुमति दी जाएगी, जबकि विशेष परिस्थितियों में तय शर्तों के साथ सीमित अनुमति दी जा सकेगी।
⚠️ हर गतिविधि पर निगरानी, समिति भी अनिवार्य
प्रत्येक कुर्बानी स्थल पर अब समाज द्वारा गठित निगरानी समिति की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इस समिति में 5 से 11 सदस्य होंगे, जबकि 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा।
📹 डिजिटल निगरानी से और सख्ती
नगर निगम ने पहली बार व्यवस्था में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के संकेत दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई हो सके। सार्वजनिक प्रदर्शन और खुले में गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
🚫 प्रतिबंधित पशुओं पर पूर्ण रोक
गाय, बछड़ा, ऊंट सहित पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर सख्त रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
♻️ अवशेष और खून पर भी सख्त नियम
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि पशु अवशेष खुले में नहीं फेंके जाएंगे और न ही खून को नालियों में बहाने की अनुमति होगी। पूरे शहर में अपशिष्ट निस्तारण की जिम्मेदारी नगर निगम स्वयं संभालेगा।
🚨 साफ संदेश: नियम तोड़े तो कार्रवाई तय
नगर निगम का स्पष्ट संदेश है कि इस बार बकरीद पर नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है—चेतावनी नहीं, सीधी कार्रवाई होगी।
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