क्षेत्र पंचायत सदस्य ही निकला हत्यारा; 10 हजार के कर्ज और अपमान का बदला लेने के लिए की थी सूरज पुरोहित की हत्या
चमोली (30 अप्रैल 2026): चमोली जिले की कर्णप्रयाग पुलिस ने एक माह पूर्व अलकनंदा नदी के किनारे मिले अज्ञात शव की गुत्थी को सुलझाते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में क्षेत्र पंचायत सदस्य को गिरफ्तार किया है, जिसने महज 10 हजार रुपये के विवाद और अपमान का बदला लेने के लिए अपने साथी की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया था।
नदी किनारे मिला था रस्सी से बंधा अज्ञात शव
घटना की शुरुआत 10 मार्च को हुई, जब पुलिस को लंगासू क्षेत्र में चण्डिका माता मंदिर के पास अलकनंदा नदी के किनारे एक अज्ञात शव मिला। मृतक के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा था। मृतक के हाथ पर ‘SOORAJ PUROHIT’ लिखा हुआ था, लेकिन कोई दस्तावेज न मिलने के कारण तत्काल पहचान नहीं हो सकी। शिनाख्त न होने पर 72 घंटे बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
सोशल मीडिया और हाथ पर गुदा नाम बना सुराग
मृतक के हाथ पर लिखा नाम ही जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुई। पुलिस ने ‘पुरोहित’ सरनेम वाले गांवों में छानबीन की, जिससे पता चला कि गौचर के बमोथ गांव का एक व्यक्ति इसी नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पर जुड़ा है। 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरों को देखकर शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की। परिजनों ने बताया कि सूरज 15 फरवरी से लापता था।
SIT और SOG की जांच में फंसा क्षेत्र पंचायत सदस्य
पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित एसआईटी और एसओजी टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि सूरज पुरोहित नन्दप्रयाग के एक होटल में ठहरा था और नरेन्द्र तोपाल के माध्यम से एक ढाबे में काम कर रहा था। पुलिस ने जब नन्दप्रयाग क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो 16 फरवरी की रात नरेन्द्र तोपाल अपनी ऑल्टो कार की डिग्गी में एक प्लास्टिक का कट्टा ले जाता हुआ दिखाई दिया। फुटेज में वह वापस लौटकर कार धोता हुआ भी नजर आया।
उधारी और अपमान बना हत्या का कारण
पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी नरेन्द्र तोपाल, जो वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य (सरतोली) है, ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि:
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उसने सूरज पुरोहित से 10 हजार रुपये उधार लिए थे।
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सूरज शराब के नशे में सार्वजनिक स्थानों पर उसे अपशब्द कहकर अपमानित करता था और उधारी के लिए बेइज्जत करता था।
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इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने 16 फरवरी को सूरज की हत्या कर दी और हाथ-पैर बांधकर शव को झूलाबगड़ पुल से नदी में फेंक दिया।
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साक्ष्य छिपाने के लिए उसने मृतक का मोबाइल और अन्य सामान भी नदी में बहा दिया था।
कर्णप्रयाग पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी दक्षता के आधार पर इस जटिल मामले का खुलासा कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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