लालकुआं। क्षेत्र के लोकप्रिय एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता, हेमवती नंदन दुर्गापाल के जन्मदिन के अवसर पर पूरा लालकुआं क्षेत्र उत्सव के माहौल में डूब गया। सुबह से ही उनके आवास और कार्यालय पर शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा। आम जनता, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ अपने चहेते नेता को जन्मदिन की ऐतिहासिक बधाई दी। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वे पूरे क्षेत्र का मजबूती से प्रतिनिधित्व करेंगे।
स्थानीय निवासियों ने नेताजी के प्रति अटूट विश्वास और गहरा प्रेम व्यक्त करते हुए कहा कि हेमवती नंदन दुर्गापाल केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के हर नागरिक के सुख-दुख के सच्चे साथी हैं। बिंदुखत्ता व लालकुआं क्षेत्र के विकास और जन-कल्याण के लिए उनके पिता द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्य आज भी मिसाल हैं।
जनसेवा और उत्साह के साथ आयोजित हुए विशेष कार्यक्रम
पूर्व मंत्री के जन्मदिन के अवसर पर क्षेत्र के नागरिकों और कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया:
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भव्य स्वागत रैली: युवाओं की टोली ने विशाल रैली निकालकर दुर्गापाल के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाए और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया।
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सेवा दिवस के रूप में आयोजन: स्थानीय नागरिकों ने इस खास दिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाते हुए सार्वजनिक स्थलों पर फल व मिठाइयां बांटीं। वहीं क्षेत्र के बुजुर्गों ने उन्हें दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद दिया।
‘जीवन की अंतिम सांस तक जनता की सेवा में समर्पित रहूंगा’
जनता के इस अपार स्नेह, सम्मान और अभूतपूर्व स्वागत से भावुक होकर हेमवती नंदन दुर्गापाल ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा— “क्षेत्र की जनता ही मेरा परिवार है। आपका यह अगाध प्यार और विश्वास मुझे क्षेत्र की सेवा करने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करता है। मैं अपने जीवन की आखिरी सांस तक बिंदुखत्ता और लालकुआं क्षेत्र की प्रगति, खुशहाली और विकास के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित रहूंगा।”
इस अवसर पर क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम स्थल और आसपास का क्षेत्र “दुर्गापाल जी जिंदाबाद” के नारों से देर तक गूंजता रहा।


