लालकुआं को फिर सुपरफास्ट का तोहफा, काशीपुर-रामनगर को ठेंगा ! कॉर्बेट नगरी से सौतेलापन पर भड़का जनाक्रोश

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राजू अनेजा, काशीपुर।कुमाऊं क्षेत्र में रेल सुविधाओं को लेकर एक बार फिर असंतुलन की तस्वीर सामने आई है। भारतीय रेलवे ने जहां लालकुआं को लंबी दूरी की एक और सुपरफास्ट ट्रेन की सौगात दी है, वहीं काशीपुर और रामनगर को इस बार भी नजरअंदाज कर दिया गया है। इससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है और रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

 

प्रतापनगर–लालकुआं साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल का ऐलान

 

रेलवे ने ग्रीष्मकालीन भीड़ को देखते हुए प्रतापनगर से लालकुआं के बीच साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन (09119/09120) चलाने का निर्णय लिया है।
09119 प्रतापनगर से प्रत्येक रविवार 3 मई से प्रस्थान करेगी
09120 लालकुआं से प्रत्येक सोमवार 4 मई से चलेगी
मई-जून में दोनों दिशाओं में कुल 9-9 फेरे होंगे
यह ट्रेन गुजरात से उत्तराखंड को जोड़ते हुए बड़ोदरा, रतलाम, कोटा, मथुरा, कासगंज, बहेड़ी और किच्छा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी।

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नैनीताल को राहत, रामनगर फिर उपेक्षित

 

इस नई ट्रेन का सीधा लाभ नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटकों को मिलेगा, क्योंकि लालकुआं इस पर्यटन नगरी का मुख्य रेलवे स्टेशन है।
लेकिन दूसरी ओर, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार रामनगर को फिर नजरअंदाज कर दिया गया है। पर्यटन के लिहाज से अहम होने के बावजूद रामनगर के लिए कोई नई ट्रेन या विस्तार योजना सामने नहीं आई।

 

आखिर काशीपुर-रामनगर रेल मार्ग की क्यों हो रही उपेक्षा?

औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण काशीपुर और पर्यटन की दृष्टि से अहम रामनगर के बीच लंबे समय से रेल सेवाओं के विस्तार की मांग उठती रही है।
इसके बावजूद इस मार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेनों का अभाव बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नजर नहीं आता।

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स्थानीय लोगों में रोष, भेदभाव के आरोप

रेलवे के इस निर्णय के बाद क्षेत्र में असंतोष बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि—
लालकुआं को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है
काशीपुर और रामनगर को योजनाओं से दूर रखा जा रहा है
पर्यटन के नाम पर सिर्फ नैनीताल को बढ़ावा दिया जा रहा है
स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने काशीपुर-रामनगर के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों की मांग तेज कर दी है।

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सवालों के घेरे में रेलवे की नीति

रेलवे की इस कार्यशैली पर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या विकास सिर्फ चुनिंदा स्टेशनों तक सीमित रहेगा?
क्या औद्योगिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों की अनदेखी जारी रहेगी?

लालकुआं को लगातार मिल रही रेल सुविधाओं के बीच काशीपुर और रामनगर का पिछड़ना क्षेत्रीय असंतुलन की ओर इशारा कर रहा है। ऐसे में अब जरूरत है कि रेलवे संतुलित विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए, ताकि हर क्षेत्र को समान अवसर मिल सके।